पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
बिहार में सक्षमता परीक्षा का फार्म भरने में फर्जी निकले 16 शिक्षकों की सेवा समाप्ति का आदेश शिक्षा विभाग ने जारी कर दिया है। इन शिक्षकों को अपना पक्ष रखने के लिए पटना बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। जांच में इनका पात्रता परीक्षा का क्रमांक किसी दूसरे शिक्षक से मेल खाता पाया गया था। इस मामले की जांच शुरु होने के बाद ही इसमें अधिकांश शिक्षक विद्यालय छोड़कर पिछले नौ-दस महीने से फरार हैं। विभागीय स्तर से इनका वेतन भी बंद किया जा चुका है।
बताया जाता है कि विभागीय आदेश के आलोक में सक्षमता फार्म भरने के बाद फर्जी साबित हुए इन शिक्षकों के काउंसलिंग में भी उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लिया गया है। जांच में पहले ही शिक्षा विभाग ने इनका पात्रता परीक्षा का क्रमांक किसी दूसरे शिक्षक से भी मेल खाता बताया था। संदिग्ध शिक्षक कई मौका मिलने के बाद भी अपना पक्ष रखने पटना नहीं पहुंचे।
सक्षमता काउंसलिंग पूरा होने के बाद विभागीय आदेश पर इन शिक्षकों की खोज शुरू की गई। इसके बाद इन शिक्षकों को फर्जी मानते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू की जा रही है। फर्जी निकले सभी शिक्षक पंचायत और प्रखंड नियोजन समिति में बहाल हुए थे। इसकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई नियोजन समिति को ही पूरी करनी है। इसके लिए डीपीओ ने सभी नियोजन समिति को अलग-अलग पत्र जारी किया है।