इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। मंगलवार को शहर में छह नए मामले सामने आए, जिनमें से तीन मामले ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), पटना से हैं। इनमें एक महिला डॉक्टर, एक नर्स, और एक कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी दो मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इन नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है, और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
पटना में मंगलवार को कुल छह नए कोरोना मामले दर्ज किए गए। एम्स पटना में एक महिला डॉक्टर, एक नर्स, और एक कर्मचारी के पॉजिटिव पाए जाने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। ये तीनों पिछले कुछ दिनों से हल्के लक्षण, जैसे बुखार और गले में खराश, महसूस कर रहे थे। उनकी जाँच के बाद पॉजिटिव रिपोर्ट आई, जिसके बाद इन्हें होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है। इनके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग और टेस्टिंग शुरू कर दी गई है।
एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हम स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। अस्पताल में सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, जिसमें मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है। मरीजों में हल्के लक्षण हैं, और उनकी स्थिति स्थिर है।
इसके अलावा, एनएमसीएच में भी दो मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें से एक मरीज हाल ही में दिल्ली से लौटा था, जिसके बाद संदेह के आधार पर उसकी जाँच की गई। छठा मरीज एक निजी अस्पताल में भर्ती है, और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पटना में इससे पहले 26 मई को दो मामले सामने आए थे, जिसमें एक मरीज एम्स का जूनियर डॉक्टर था। अब नए मामलों के साथ पटना में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। बिहार में भी स्थिति चिंताजनक हो रही है, क्योंकि देशभर में सक्रिय मामलों की संख्या 1,000 को पार कर चुकी है। हाल के दिनों में केरल (430 मामले), महाराष्ट्र (153 मामले), और दिल्ली (104 मामले) में भी मामले तेजी से बढ़े हैं।
पटना के सिविल सर्जन डॉ. अभिनाश कुमार सिंह ने बताया, पटना में अभी तक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है। नए मरीजों में हल्के लक्षण हैं, और वे होम आइसोलेशन में हैं। लोगों से अपील है कि वे मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, और लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट करवाएँ।