Saturday 13-Jun-2026

प्रशांत किशोर पर बीजेपी का आरोप ,फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर प्रचार का दावा

प्रशांत किशोर पर बीजेपी का आरोप ,फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर प्रचार का दावा

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले तनातनी बढ़ती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जनसुराज पार्टी के संस्थापक और जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दावा किया है कि प्रशांत किशोर और उनकी सोशल मीडिया टीम ने बीजेपी के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए हैं। इन अकाउंट्स के जरिए जनसुराज पार्टी और प्रशांत किशोर के पक्ष में प्रचार किया जा रहा था। इस मामले में बीजेपी ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई है, जिसने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।

मंगलवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा, जनसुराज पार्टी ने बीजेपी के नाम से फर्जी फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट बनाए हैं। इनके जरिए उनकी पार्टी का प्रचार किया जा रहा है, जो बीजेपी की छवि को धूमिल करने और जनता को गुमराह करने की साजिश है।जायसवाल ने इसे सियासी धोखाधड़ी और नैतिकता के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसकी पूरी जांच की जाएगी।उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीजेपी की सोशल मीडिया टीम को कुछ संदिग्ध अकाउंट्स की जानकारी मिली, जो बीजेपी के आधिकारिक पेज की तरह दिखते थे, लेकिन उनमें जनसुराज के पक्ष में सामग्री पोस्ट की जा रही थी। इन अकाउंट्स में बीजेपी के लोगो और नेताओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था, जिसे बीजेपी ने अपनी विश्वसनीयता पर हमला माना।बीजेपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस की साइबर क्राइम सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। साइबर सेल ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, फर्जी अकाउंट्स की तकनीकी जांच की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि ये अकाउंट्स कब और कहां से बनाए गए, इनका संचालन कौन कर रहा था, और इनके जरिए कितने समय तक प्रचार हुआ। बीजेपी ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।प्रशांत किशोर ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, जनसुराज पार्टी के प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, यह बीजेपी की हताशा का नतीजा है। जनसुराज की बढ़ती लोकप्रियता और प्रशांत किशोर की स्वच्छ छवि से बीजेपी घबरा गई है। ये आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं।प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी डिजिटल प्रचार में पारदर्शिता बरतती है और किसी भी गलत गतिविधि में शामिल नहीं है।

यह विवाद बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया है, जो सियासी दलों के बीच तनाव को और बढ़ा रहा है। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने घोषणा की है कि वह 2025 के विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। जनसुराज ने बीजेपी-जेडी(यू) गठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल -कांग्रेस महागठबंधन के खिलाफ तीसरे विकल्प के रूप में खुद को पेश किया है। किशोर ने हाल के महीनों में नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, और कांग्रेस पर तीखे हमले बोले हैं, जिससे उनकी सियासी सक्रियता सुर्खियों में है।

बीजेपी का मानना है कि प्रशांत किशोर अपनी पार्टी की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए बीजेपी की विश्वसनीयता का दुरुपयोग कर रहे हैं। वहीं, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बीजेपी की रणनीति हो सकती है, ताकि जनसुराज की बढ़ती ताकत को कमजोर किया जाए।

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