नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत के द्वारा किसान आंदोलन को लेकर दिए गए विवादित बयान से बीजेपी ने पल्ला झाड़ लिया है। सोमवार को पार्टी की ओर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसान आंदोलन के संदर्भ में भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा दिया गया बयान पार्टी की राय नहीं है। भाजपा कंगना रनौत द्वारा दिए गए बयान से असहमत है। पार्टी की ओर से कंगना रनौत को पार्टी नीतिगत मुद्दे पर बयान देने की न तो अनुमति है और न ही वह इसके लिए अधिकृत हैं।
बीजेपी के केंद्रीय मीडिया विभाग की ओर से लिखा गया है कि पार्टी ने सांसद कंगना रनौत को निर्देश दिए हैं कि वह इस प्रकार का कोई बयान भविष्य में ना दें। बीजेपी सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के तहत काम करने वाली पार्टी है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का मत नहीं है तो पार्टी से निकालिए, अपनी सांसद कंगना से कहिए किसानों से हाथ जोड़कर माफी मांगें, बीजेपी खुद किसानों से माफी मांगे, अन्नदाताओं के लिए यह शब्द अपमान नहीं देशद्रोह है।
The statement made by BJP MP Kangana Ranaut in the context of the farmers' movement is not the opinion of the party. BJP disagrees with the statement made by Kangana Ranaut. On behalf of the party, Kangana Ranaut is neither permitted nor authorised to make statements on party… pic.twitter.com/DXuzl3DqDq
— ANI (@ANI) August 26, 2024
क्या कहा था कंगना रनौत ने?
कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था किपंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे और वहां बलात्कार और हत्याएं हो रही थीं। कंगना रनौत ने आगे कहा था कि विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस ले लिया गया था नहीं तो इन उपद्रवियों की बहुत लंबी योजना थी और वे देश में कुछ भी कर सकते थे। कंगना रनौत ने कहा था कि अगर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता, तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। कंगना रनौत के इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ और किसान नेताओं ने गुस्सा ज़ाहिर किया, अब बीजेपी ने उन्हें आगे इस तरह के बयान ना देने की हिदायत दी है और कहा है कि पार्टी का इस बयान से कोई लेना-देना नहीं है और यह बीजेपी का बयान नहीं है।