नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
बांग्लादेश में गिरफ्तार हुए इस्कॉन के हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को अदालत ने मंगलवार को जमानत देने से इनकार कर दिया और देश में अल्पसंख्यक अधिकारों पर उनके मुखर रुख को लेकर इस महीने की शुरुआत में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह का मामला बरकरार रखा। उन्हें बीते दिन सोमवार को ढाका के एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। मामले पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है।
बांग्लादेशी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम किसी राजनीतिक दल या सरकार के खिलाफ नहीं हैं। हम इस्लामी दलों सहित सभी दलों से वास्तविक मांगों का समर्थन करने का आग्रह करते हैं। हम इस देश से प्यार करते हैं, बांग्लादेश से बहुत प्यार करते हैं और एकजुट देश चाहते हैं, जिससे कि सभी संप्रदाय और धर्मों के लोग शांतिपूर्ण तरीके से रह सकें और बांग्लादेश की प्रगति के लिए काम कर सकें।
वहीं, बांग्लादेश पुलिस ने चिन्मय दास की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठी चार्ज की। ढाका और चटगांव में पुलिस की ओर से हिंदू प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने से तनाव बढ़ गया। यह कार्रवाई तब की गई जब भारत ने बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार से हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।