इंपैक्ट लाइव टीम
26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक तहव्वुर हुसैन राणा को गुरुवार (10 अप्रैल) को अमेरिका से भारत लाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पटियाला हाउस की विशेष एनआईए अदालत ने राणा को 18 दिनों की हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद एनआईए ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ 2008 के मुंबई हमले की पूरी साजिश को उजागर करने और राणा की भूमिका को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने के लिए एनआईए ने वर्षों तक कानूनी और कूटनीतिक प्रयास किए। राणा ने अपनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया को रोकने के लिए अमेरिकी अदालतों में कई याचिकाएं दायर कीं, जिनमें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक आपातकालीन अपील भी शामिल थी। हालांकि, सभी याचिकाएं खारिज होने के बाद अमेरिकी सरकार ने 9 अप्रैल को उसे भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया। राणा को एक विशेष विमान, गल्फस्ट्रीम जी550, से नई दिल्ली लाया गया, जहां एनआईए और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीमें उसकी सुरक्षा और हिरासत के लिए तैनात थीं।एनआईए ने राणा से पूछताछ के लिए एक विशेष 12 सदस्यीय टीम गठित की है, जिसकी अगुआई एनआईए की डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) जया रॉय कर रही हैं। यह पूछताछ एनआईए मुख्यालय के एक उच्च सुरक्षा वाले सेल में हो रही है, जो सीसीटीवी कैमरों और मल्टी-लेयर डिजिटल सुरक्षा से लैस है। इस सेल में केवल 12 अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति है। पूछताछ को वीडियोग्राफ किया जा रहा है, और राणा को थकान या तनाव से बचाने के लिए बीच-बीच में ब्रेक दिए जा रहे हैं।
एनआईए की पूछताछ तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है:
1. 26/11 हमले में राणा की भूमिका
2. लश्कर-ए-तैयबा से संबंध
3. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का कनेक्शन
एनआईए ने अदालत में राणा की हिरासत को सही ठहराने के लिए कई पुख्ता सबूत पेश किए, जिनमें राणा और हेडली के बीच ईमेल और संचार रिकॉर्ड शामिल हैं। एजेंसी ने दावा किया कि हेडली ने राणा को अपनी संपत्तियों और आतंकी साजिश में शामिल अन्य लोगों, जैसे इलियास कश्मीरी और अब्दुर रहमान, के बारे में जानकारी दी थी। एनआईए ने 20 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने 18 दिन की मंजूरी दी। राणा को अदालत में यह पूछा गया कि क्या वह वकील नियुक्त करना चाहता है या उसे कानूनी सहायता चाहिए।एनआईए सूत्रों का कहना है कि राणा को मुंबई हमले की तरह की साजिशों की जांच के लिए भारत के अन्य शहरों में भी ले जाया जा सकता है। एजेंसी यह जानना चाहती है कि क्या राणा ने देश में अन्य आतंकी योजनाओं को अंजाम देने की कोशिश की थी। राणा की पूछताछ से आतंकी नेटवर्क, फंडिंग चैनल, और अंतरराष्ट्रीय समर्थन के बारे में नए खुलासे होने की उम्मीद है।