लातेहार, इंपैक्ट लाइव टीम।
दो अलग-अलग घटनाओं में 18 पुलिस जवानों की हत्या समेत कई नक्सली कांडों में संलिप्त रहा माओवादी कमांडर छोटू खरवार मारा गया। उसका शव बुधवार की सुबह छिपादोहर थाना क्षेत्र के भीमपांव जंगल से बरामद किया गया। एसपी कुमार गौरव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आपसी विवाद में छोटू की हत्या उसके नक्सली साथियों द्वारा ही करने की बात सामने आई है।
उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि छिपादोहर थाना क्षेत्र के भीमपांव जंगल में एक शव पड़ा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और किसी ने अफवाह उड़ा दी कि मारे गए नक्सली के पेट में बम प्लांट है। इसके बाद सावधानी बरतते हुए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। दस्ते ने छानबीन की तो बम प्लांट करने की सूचना गलत निकली। इसके बाद शव को कब्जे में लिया गया, तो शिनाख्त माओवादी कमांडर छोटू खरवार के रूप में की गयी। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। एसपी ने बताया कि माओवादी कमांडर छोटू खरवार 15 लाख रुपये का इनामी था। इस जोन का वह सबसे खूंखार नक्सली था। उसके खिलाफ लातेहार समेत गुमला, गढ़वा और लोहरदगा के विभिन्न थानों में 100 से अधिक से मामले दर्ज थे।
बताया जाता है कि तीन दिनों से वह अपने साथियों के साथ कुमंडी जंगल में जमा हुआ था। लेवी की रकम के बंटवारे को लेकर उसका विवाद हुआ, जिसमें साथी नक्सलियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। उसके पैर और सीने में गोली मारी गई थी। छोटू खरवार दो बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पहली घटना लातेहार के कटया में 2012 में हुई थी, जब छोटू खरवार ने दस्ते के साथ बारूदी सुरंग विस्फोट कर 14 पुलिसकर्मियों की जान ले ली थी। उसके बाद 2019 में चंदवा के लुकुइया में पुलिस टीम पर हमला किया था, जिसमें चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।