रांची, इंपैक्ट लाइव टीम।
रांची स्थित राजकीय राजेंद्र आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (आरआईएमएस) के जूनियर चिकित्सकों ने कोलकाता में एक महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में मंगलवार को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाओं और गैरजरूरी सेवाओं का बहिष्कार कर ‘पेन डाउन’ आंदोलन शुरू किया। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि पुलिस रविवार तक केस सुलझाए वर्ना मामला सीबीआई को सौंपेंगे। उधर, आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिख निष्पक्ष जांच की मांग की।
गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना में भी पीएमसीएच, आईजीआईएमएस और आईजीआईसी के चिकित्सकों ने सोमवार को ओपीडी का सांकेतिक बहिष्कार किया। गया में मगध मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में ओपीडी ठप किया। पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर मंगलवार से बेमियादी हड़ताल शुरू करेंगे। जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, लखनऊ आदि में ओपीडी बाधित रही। कोलकाता में आपात सेवाएं भी बंद रहीं। पटना, लखनऊ, आगरा, कानपुर, चंडीगढ़ समेत अन्य शहरों में डॉक्टरों ने मार्च निकाला पटना के एनएमसीएच में रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी बंद करा दी।
इसके अलावा महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों ने रेप र हत्या की घटना के विरोध में अपने सहकर्मियों द्वारा किए जा रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में मंगलवार की सुबह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। ‘महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंशियल डॉक्टर्स’ (केंद्रीय-एमएआरडी) के अध्यक्ष डॉ. प्रतीक देबाजे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राज्य भर के अस्पतालों में सभी गैर-जरूरी सेवाएं रोक दी गई हैं, लेकिन आपातकालीन सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी।