Saturday 13-Jun-2026

बढ़ा-बढ़ा हो, लड़ा-लड़ा हो नीतीश... जेडीयू ने चुनाव प्रचार के लिए जारी किया गीत

बढ़ा-बढ़ा हो, लड़ा-लड़ा हो नीतीश... जेडीयू ने चुनाव प्रचार के लिए जारी किया गीत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने दल का एक विषयपरक (थीमयुक्त) गीत पेश किया जिसमें पार्टी ने अपने 70 वर्षीय नेता को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाने की कोशिश की है जो 'आगे बढ़ने के साथ लड़ सकता है।'

बिहार की बोलचाल की भाषा में उक्त गीत बढ़ा-बढ़ा हो, लड़ा-लड़ा हो नीतीश कुमार को यहां जदयू कार्यालय में बिहार के मंत्रियों विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, पार्टी के राज्यसभा सदस्यों संजय झा और अनिल हेगड़े सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पेश किया गया। पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रचार वाहनों को भी हरी झंडी दिखाई जिनका उपयोग जदयू के उम्मीदवार अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अभियान के दौरान करेंगे।

गीत में कुमार की उस समय राज्य की बागडोर संभालने के लिए प्रशंसा की गई है, जब यह कांटों का ताज था। गीत में 'खोए हुए सम्मान को वापस लाने' के लिए भी उनकी तारीफ की गई है। यह गीत बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजग सरकार द्वारा राज्य में किए गए विकास कार्यों पर प्रकाश डालता है। यह महिलाओं के उत्थान और राज्य सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में वंचित जातियों के लिए कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के लिए की गई राज्य सरकार की पहल पर भी प्रकाश डालता है।

इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इस गीत को पेश करने के साथ पार्टी ने औपचारिक रूप से राज्य में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि गीत इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे मुख्यमंत्री नीतीश ने युवाओं के सपनों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की 40 सीट के लिए लोकसभा चुनाव सात चरणों में 19, 26 अप्रैल, 7, 13, 20 एवं 25 मई और एक जून को होंगे।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीट बंटवारे की व्यवस्था के तहत, भाजपा 17 सीट पर, जदयू 16 सीट पर, चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) पांच सीट पर और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम एक-एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। जदयू के 16 उम्मीदवारों में से छह उम्मीदवार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं और पांच अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) से हैं।