पटना: बिहार में रेलवे का जबरदस्त विस्तार हो रहा है। रविवार को केंद्रीय रेल, सूचना प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य को कई नई सौगातें दीं। उन्होंने बेतिया में छावनी आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) का उद्घाटन किया और फिर मुजफ्फरपुर जंक्शन के नए 3-डी मॉडल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पटना से मुजफ्फरपुर के बीच "नमो भारत" ट्रेन चलाने की घोषणा की, जो कम दूरी के स्टेशनों के बीच सफर करेगी।
इसके अलावा, गोरखपुर से पटना के लिए बेतिया होते हुए वंदे भारत ट्रेन चलाने की भी बात कही गई। रेल मंत्री ने बताया कि अगले 3-4 महीनों में नई ट्रेन की रैक आते ही इसका परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
बिहार में रेलवे को मिल रही बंपर फंडिंग
रेल मंत्री ने कहा कि आज से 10 साल पहले बिहार को रेलवे के लिए सिर्फ 1132 करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन अब यह बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया है। आने वाले समय में रेलवे को 95,566 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा, जिसमें रेलवे लाइन का दोहरीकरण, नए स्टेशन, ओवरब्रिज और नई ट्रेनों का संचालन शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नरकटियागंज से रक्सौल और सीतामढ़ी-दरभंगा रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 4553 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस पर जल्द ही काम शुरू होगा।
मुजफ्फरपुर स्टेशन बनेगा वर्ल्ड क्लास
मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन को 442 करोड़ रुपये की लागत से वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में डेवलप किया जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि लंबी दूरी के लिए 100 "अमृत भारत" ट्रेनें और कम दूरी के लिए 50 "नमो भारत" ट्रेनें बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
बिहार में रेलवे का तेजी से विकास हो रहा है, और सरकार इसे और आगे ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। रेल मंत्री अपने 20 मिनट के भाषण के बाद शाम 7 बजे पटना के लिए स्पेशल ट्रेन से रवाना हो गए।