बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल के एक बयान की खूब चर्चा हो रही है. पूर्णिया में मंगलवार को उन्होंने कहा कि अवैध हथियार लेकर चलने वालों को सीधे गोली मार दी जाएगी. उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के कैबिनेट ने फैसला लिया है कि एक एसआईटी का गठन किया गया है. जिसमें पुलिस को ऐसे अपराधियों को गोली मारने का आदेश दिया गया है. दरसअल, रुपौली विधानसभा क्षेत्र में नामांकन होना है. जेडीयू के उम्मीदवार के नामांकन के बाद हुई सभा में मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुले मंच से यह बयान दिया है . वहीं, दूसरी ओर जेडीयू ने दिलीप जायसवाल के इस बयान से किनारा किया तो बीजेपी बचाव उतर गई है.
मंत्री दिलीप जायसवाल के बयान पर जेडीयू के प्रवक्ता एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि हमारी पार्टी इस बयान से इत्तेफाक नहीं रखती है. पुलिस को सक्षम अधिकार एसआईटी गठन कर स्पीड ट्रायल चला कर बड़े-बड़े क्रिमिनल को जेल भेज चुके हैं. बिहार में कानून का राज है और कानून का सम्मान होना चाहिए. कानूनी प्रक्रिया के तहत अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए. बिहार में योगी मॉडल लागू नहीं है. हम चाहते हैं कानून के राज के तहत न्याय हो. पहले पांच हजार के लिए किडनैपिंग होती थी. अब ऐसा होता है क्या?
वहीं दूसरी ओर बीजेपी से मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि उनके कहने का मतलब जीरो टॉलरेंस की नीति से सरकार काम करेगी. जो भी अपराधी है उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. जोश जोश में यह बातें दिलीप जायसवाल ने कही है. एसआईटी का गठन कैबिनेट में मोहर लगी है. मॉडल की कोई बात नहीं है. मॉडल बीजेपी सरकारों की रही है. जो नीति नीतीश सरकार की है उसके तहत जीरो टॉलरेंस नीति के साथ अपराधियों पर कार्रवाई होगी.