भोजपुरी गायक एवं अभिनेता पवन सिंह ने पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने से रविवार को मना कर दिया। भाजपा ने एक दिन पहले शनिवार को सिंह को इस सीट से उम्मीदवार घोषित किया था। वर्तमान में आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता एवं अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं। पवन सिंह के इस फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने चुनाव प्रचार अभियान शुरू होने से पहले ही सीट छोड़ दी।
पवन सिंह ने लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार घोषित करने के लिए भाजपा नेतृत्व को धन्यवाद दिया और कहा कि वह किसी कारणवश आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का दिल से आभार प्रकट करता हूं। पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके मुझे आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन किसी कारणवश मैं आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा…। पवन सिंह ने अपने इस फैसले का कारण नहीं बताया, लेकिन उन्हें उम्मीदवार घोषित किए जाने की तृणमूल कांग्रेस ने आलोचना की थी। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सिंह के कई गाने असभ्य हैं और उनमें राज्य की महिलाओं सहित सभी महिलाओं को अश्लील तरीके से चित्रित किया गया है।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पवन सिंह की पोस्ट साझा की और कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों का अदम्य जोश और शक्ति। टीएमसी नेता शांतनु सेन ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला सशक्तीकरण की केवल बात करती है, लेकिन असल में वह महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि वे महिला विरोधी एवं बंगाली विरोधी हैं और इसीलिए उन्होंने उन्हें (पवन सिंह को) उम्मीदवार बनाया था, लेकिन लोगों के गुस्से का एहसास होने पर उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आसनसोल में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए लोग रहते हैं और भाजपा को उम्मीद थी कि सिंह, सिन्हा के खिलाफ प्रभावी उम्मीदवार साबित होंगे। सिन्हा ने 2019 में भाजपा छोड़ दी थी। भाजपा ने स्पष्ट रूप से विवाद को शांत करने के लिए ऐसे समय में सिंह को चुनाव मैदान से हटने के लिए राजी किया, जब पार्टी संदेशखालि विवाद को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रही है। संदेशखालि में कई महिलाओं ने निलंबित तृणमूल नेता शाहजहां शेख और उनके सहयोगियों पर यौन उत्पीड़न एवं जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। शेख और उसके कई साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पवन सिंह को मैदान में उतारने को लेकर टीएमसी की आलोचना पर भाजपा ने तुरंत पलटवार किया। पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि टीएमसी नेता जोकर का एक समूह हैं, जिन्हें 60 दिनों तक चुप रहने के बाद अचानक अपनी आवाज मिल गई है। संदेशखालि में बलात्कार की शिकार महिलाएं बंगाली थीं, जिन्हें ममता बनर्जी 'बोहिरागोटो' (बाहरी) कहती हैं।बंगाली महिलाओं को उनसे अधिक कोई अपमानित नहीं करता, क्योंकि वह शेख शाहजहां का बचाव करना जारी रखे हुए हैं।