राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने भाजपा पर अपने काम पर नहीं, बल्कि डरा कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को जारी बयान में श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद यह पहला चुनाव है जिसमें दस बरसों तक शासन में रहने वाली पार्टी अपने काम पर नहीं बल्कि लोगों को डरा कर सत्ता पाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार उलटी दिशा में चलती रही। लोगों की परेशानी बढी। गरीबी की हालात सुधरने के बदले और बिगड़ी। दूसरी ओर, धनियों का धन अप्रत्याशित ढंग से बढ़ा।
शिवानंद तिवारी ने नोटबंदी और जीएसटी के नुकसान की चर्चा की और आरोप लगाया कि 80 करोड़ लोगों को खैरात के रूप में पांच किलो अनाज बांटकर लाभार्थियों का एक समूह तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं किसी के घर का चूल्हा नहीं बुझने दूंगा। यह कैसी उपलब्धि है! उपलब्धि तो होती जब वे कहते कि 80 करोड़ में से 10-20 करोड़ को हमने इस लायक़ बना दिया कि अब उनको मुफ़्त के राशन की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण पर भी आपत्ति जतायी और इसे चुनावी आचार संहिता का खुल्लमखुला उल्लंघन बताया। साथ ही चुनाव आयोग की भूमिका को चिंताजनक बताया।