Friday 01-May-2026

वारंटी के नाम पर उपभोक्ताओं को धोखा देना पड़ेगा महंगा, इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों पर सरकार ने कसा शिकंजा

वारंटी के नाम पर उपभोक्ताओं को धोखा देना पड़ेगा महंगा, इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों पर सरकार ने कसा शिकंजा

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली कंपनियों पर सख्त रुख अख्तियार किया है। सरकार का कहना है कि वॉरंटी के नाम पर उपभोक्ताओं को धोखा देने की कोशिश न की जाए। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनियां वॉरंटी को लेकर ग्राहकों को साफ-साफ जानकारी मुहैया करवाएं।

कंपनियां उत्पाद खरीदने वालों को उत्पाद की वॉरंटी अवधि के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराएं। केंद्र सरकार ने कहा कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की वॉरंटी उसकी बिक्री की तारीख से होती है न कि उत्पाद निर्माण की तारीख से। इस तरह की शर्त रखने उत्पाद की वॉरंटी कम हो जाती है।

रिपोर्ट की मानें, तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 2(9) के तहत ग्राहक को किसी भी उत्पाद की सर्विस, गुणवत्ता, मात्रा, क्षमता, शुद्धता, मानक और कीमत के बारे में बिक्री से पहले सूचना पाने का अधिकार है। अक्सर उपभोक्ता को उत्पाद की वॉरंटी के बारे में काफी घुमा-फिराकर बताया जाता है। सामान पर 5 से 10 साल की वॉरंटी की बात कही जाती है जबकि उसके विवरणों का बारीकी से अध्ययन करने पर असली वारंटी काफी कम समय की होती है। उसमें भी तमाम तरह की शर्तें भी जोड़ी गई होती हैं। या फिर वारंटी किसी एक पुर्जे पर ही होती है जिसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है।