Saturday 19-Sep-2026

चिराग पासवान ने कर्नाटक में मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए कांग्रेस पर साधा निशाना

चिराग पासवान ने कर्नाटक में मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए कांग्रेस पर साधा निशाना

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंगलवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण ''छीनने'' और उसका लाभ ''एक विशेष धार्मिक समुदाय'' को देने का आरोप लगाया। चिराग पासवान ने एक तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लगाये गए आरोप को दोहराया और साथ ही यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष ''इसलिए हम (राजग) पर यह झूठा आरोप लगा रहा है कि हम संविधान को बदलकर आरक्षण खत्म करने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा, संविधान में, बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि धर्म आरक्षण देने का आधार नहीं हो सकता। फिर भी कांग्रेस ने कर्नाटक में ऐसा किया जहां वह सत्ता में है। इसने ओबीसी के अधिकार छीन लिये हैं।

चिराग पासवान ने कहा, कर्नाटक में कांग्रेस का कदम उसकी तुष्टिकरण की राजनीति के अनुरूप है, जिसकी झलक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस भाषण में मिलती है जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक एक विशेष धार्मिक समुदाय के लोगों का है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस और उसके सहयोगी हैं जो संविधान पर हमला करने के दोषी हैं और अपने कृत्यों से जनता का ध्यान हटाने के लिए वे राजग पर संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने का झूठा आरोप लगा रहे हैं।

इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमारे खिलाफ यह आरोप कि हम आरक्षण के खिलाफ हैं, झूठा है और इसमें विपक्ष की हताशा की बू आती है। आरक्षण हमेशा जारी रहेगा। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि मुसलमानों में ओबीसी को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए लेकिन कांग्रेस ने कर्नाटक में जो किया है वह यह है कि सभी मुसलमानों को ओबीसी के तौर पर वर्गीकृत कर दिया। इससे प्रतिकूल रूप से कौन प्रभावित होगा। निश्चित तौर पर हिंदू ओबीसी। उन्होंने कहा, बाबा साहेब आंबेडकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण सुविधाएं हिंदुओं के दलित वर्गों के लिए है क्योंकि उन्होंने भेदभाव का सामना किया था। लेकिन कांग्रेस एक भयावह मॉडल लेकर आयी है जिसे वह पार्टी शासित तेलंगाना में भी लागू करना चाहती है।