केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि यह चुनाव राम मंदिर बनाने वालों और रामभक्तों पर गोली चलाने वालों के बीच है। इसके साथ ही शाह ने विपक्ष पर 70 साल से अधिक समय तक राम मंदिर के निर्माण को रोकने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण ही राम मंदिर का निर्माण हो सका। गृह मंत्री ने जनता से कहा, यह चुनाव राम मंदिर बनाने वालों और रामभक्तों पर गोली चलाने वालों के बीच है। आप मंदिर बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ हैं या रामभक्तों पर गोली चलाने वालों के साथ?
शाह ने बलिया, देवरिया और महराजगंज में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित जनसभाओं को सम्बोधित किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पहले पांच चरण के चुनाव में ही बहुमत हासिल कर चुकी है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि इन दलों ने तय कर लिया है कि लोकसभा चुनावों में हार का ठीकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर फोड़ना है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि चार जून को मतगणना है। चार तारीख की दोपहर को दोनों शहजादे (राहुल गांधी और अखिलेश यादव) संवाददाता सम्मेलन करेंगे और कहेंगे कि ईवीएम खराब थी इसलिए हम चुनाव हार गए। शाह ने दावा किया कि पांच चरणों में भाजपा ने 310 सीट का आंकड़ा पार कर लिया है। राहुल बाबा आपकी पार्टी 40 सीट के आंकड़े को भी पार नहीं कर पायेगी और समाजवादी पार्टी चार सीटों के अंदर ही सिमट जाएगी।
शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता कहते हैं कि पाकिस्तान के पास परमाणु बम है लेकिन भाजपा के लोग परमाणु बम से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा और हम इसे वापस लेंगे। गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश से आतंकवाद समाप्त किए जाने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार के समय सीमा पार से आतंकवादी घुस जाते थे, बम धमाके करते थे और भाग जाते थे।