लोकसभा चुनाव की घड़ी जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है लोजपा के दोनों गुटों के बीच की दूरी भी बढ़ती जा रही है। हालांकि चाचा-भतीजा के बीच सुलह की कोशिशें भी होती दिख रही हैं। भाजपा की ओर से दोनों को एक करने की पहल की जा रही है। एनडीए दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बीती रात रालोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस भाजपा के बिहार प्रभारी विनोद ताबड़े से मिले। पारस ने अपनी सभी पांच सीटों पर दावा किया। यही नहीं उन्होंने हाजीपुर लोकसभा सीट पर भी हर हाल में चुनाव लड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
दरअसल, उन्होंने लोजपा की टूट के समय उनके साथ आए चारों सांसदों की सीट पर अपना स्वाभाविक दावा बताया। उन्होंने भाजपा से पांच सीट मांगी। विनोद तावड़े ने उनकी बातों को बड़े ध्यान से सुना। फिर, पारस को दोनों गुटों को एक करने के लिए पहल करने और चिराग पासवान से साथ मिलकर चुनाव लड़ने का सुझाव दिया। उनसे कहा गया कि इससे लोकसभा चुनाव में बेहतर स्थिति होगी। उनकी ताकत बढ़ेगी और समझौता में भी सुविधा होगी। लेकिन पारस इसके लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भतीजे के साथ न तो उनके दिल मिल सकते हैं न ही दोनों दल एक हो सकते हैं।