Saturday 13-Jun-2026

'किसी भी प्रकार के नशे का सेवन या कारोबार गंभीर अपराध'

'किसी भी प्रकार के नशे का सेवन या कारोबार गंभीर अपराध'

अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर यूथ मोबिलाइजेशन फॉर नेशनल एडवांसमेंट (वाईएमएनए ) द्वारा संचालित दिशा नशा विमुक्ति सह पुनर्वास केंद्र, पटना एवं नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो , बिहार के द्वारा संयुक्त रूप से लोगों में जन जागरूकता हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो एन.सी.बी बिहार एवं झारखण्ड, के जोनल डायरेक्टर अभिषेक आनद (आई आर एस), विनोद कुमार इंटेलिजेंस ऑफिसर एन.सी.बी, राकेश कुमार इंटेलिजेंस ऑफिसर एन.सी.बी पटना, उषा कुमारी, अध्यक्ष, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी, अजय कुमार,चेयर एंड कोऑर्डिनेटर, सोशल वर्क, संत ज़ेवियर कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, पटना, एवं दिशा (यमना) के सी.ई.ओ. राखी शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

जोनल डायरेक्टर अभिषेक आनद, एन.सी.बी. द्वारा लोगों को संबोधित करते हुए भारत सरकार के द्वारा लागू कानून के बारे में बताया गया कि किसी भी प्रकार के नशीली वस्तुओं का सेवन या व्यापार करना अपराध है, जिसके तहत आपको क़ानूनी सजा मिल सकती है, इसलिए हम सभी लोग नशा को ना कहना सीखें. विनोद कुमार इंटेलिजेंस ऑफिसर एन.सी.बी , पटना द्वारा लोगों को अपने घर परिवार एवं समाज को नशा मुक्त रखने के लिए जागरूक करने की सलाह दी गयी. साथ ही किसी व्यक्ति द्दारा नशीली वस्तुओं का व्यापार में शामिल होने पर उसकी सूचना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पटना, बिहार को देने का आग्रह किया गया, यह जानकारी गुप्त रखी जाती है इसके लिए भी प्रोत्साहित किया गया.

उषा कुमारी (अध्यक्ष, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी) ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अगर नशीली वस्तुओं का सेवन करता है तो उसके व्यवहार में परिवर्तन आने लगता है, जिससे उसका परिवार बच्चा सभी परेशान होने लगते हैं, जिसके कारण उसके बच्चे भी गलत रास्ते पर चले जाते हैं और परिवार बर्बाद हो जाता है. इसलिए नशा से सभी लोग दूरी बना कर ही सबको एक बेहतर जीवन जी सकते हैं.

अजय कुमार (चेयर एंड कोऑर्डिनेटर, सोशल वर्क, संत ज़ेवियर कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी) ने कहा कि नशा एक बीमारी है. आज के दौर में हमारे समाज के युवा वर्ग शौक के तौर पर नशा शुरू करते हैं लेकिन वो इसके गिरफ्त में आ जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो रहा है, जिसके बाद वो बाहर रहकर नशा से छुटकारा नहीं पा सकते हैं, इसके लिए दिशा नशा उपचार सह पुनर्वास केंद्र में उपचार से ही ठीक हो सकते हैं।. यह संस्था विगत 35 वर्षो से हजारों लोंगो के परिवार को नशा मुक्त जीवन देने का काम किया है. नशा उन्मूलन के क्षेत्र में संस्था का योगदान सराहनीय है.

कार्यक्रम में उपस्थित करीब सौ बच्चों के बीच नुक्कड़- नाटक, डांस एवं पेंटिग की प्रतियोगिता रखी गयी , जिन्हें पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया गया. कार्यक्रम का समापन अपर्णा सुमन, काउंसलर दिशा, पटना द्वारा लोगों को धन्यवाद ज्ञापन किया गया | इस कार्यक्रम में दिशा केयर एवं दिशा नशा उपचार के सेवार्थी, कर्मचारी एवं अभिभावकों ने हिस्सा लिया.