Wednesday 06-May-2026

झारखंड में ईडी को मिला नोटों का पहाड़, मंत्री आलम से जुड़ा कनेक्शन

झारखंड में ईडी को मिला नोटों का पहाड़, मंत्री आलम से जुड़ा कनेक्शन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम के सचिव से कथित रूप से जुड़े एक घरेलू सहायक के परिसरों की तलाशी के दौरान 20-30 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद करने का दावा किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने कुछ अन्य परिसरों की तलाशी में अलग से करीब तीन करोड़ रुपये नकद बरामद किए। सूत्रों द्वारा साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में एजेंसी के अधिकारी यहां गाड़ीखाना चौक पर एक इमारत में स्थित एक कमरे में बड़े बैग से नोटों की गड्डियां निकालते हुए दिखते हैं। इस दौरान केंद्रीय बलों के कुछ सुरक्षाकर्मी भी दिखाई देते हैं।

जिस स्थान से नकदी बरामद की गई है, वहां कथित तौर पर झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलम के निजी सचिव संजीव लाल का एक घरेलू सहायक रहता है। आलम ने संपर्क किए जाने पर कहा, मुझे अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, मैं टीवी देख रहा हूं और इसमें बताया जा रहा है कि यह परिसर सरकार द्वारा मुझे मुहैया कराए गए आधिकारिक पीएस (निजी सचिव) से संबंधित है। आलम (70) कांग्रेस के नेता हैं और झारखंड विधानसभा में पाकुड़ सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ईडी के सूत्रों ने कहा कि नकदी गिनने के लिए नोट गिनने वाली आठ मशीन लगाई गई हैं, ताकि बरामद की गई रकम का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह राशि 20-30 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। सूत्रों ने कहा कि बरामद की गई नकदी में मुख्य रूप से 500 रुपये के नोट हैं और कुछ आभूषण भी बरामद किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि अभियान के तहत कुल छह परिसरों की तलाशी ली जा रही है और एजेंसी ने एक परिसर से 2.93 करोड़ रुपये तथा एक अन्य परिसर से 10 लाख रुपये बरामद किए हैं।

उन्होंने बताया कि नकदी में मुख्य रूप से 500 रुपये के नोट हैं और कुछ आभूषण भी बरामद किए गए हैं। यह छापेमारी ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र कुमार राम के खिलाफ धनशोधन के मामले से जुड़ी है, जिसे ईडी ने पिछले साल गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने पिछले साल जारी एक बयान में आरोप लगाया था कि रांची में ग्रामीण कार्य विभाग में मुख्य अभियंता के रूप में तैनात वीरेंद्र कुमार राम ने ठेकेदारों को निविदा आवंटित करने के बदले में उनसे रिश्वत के नाम पर अवैध कमाई की थी।

एजेंसी ने अधिकारी की 39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। बयान में कहा गया कि इस प्रकार अपराध से अर्जित आय का उपयोग वीरेंद्र कुमार राम और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा आलीशान जीवनशैली जीने के लिए किया जाता था। वीरेंद्र के खिलाफ धनशोधन का मामला झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक शिकायत से जुड़ा है।