Saturday 13-Jun-2026

महागठबंधन की महारैली में इंडिया गठबंधन ने फूंका चुनावी बिगूल, निशाने पर रहे पीएम मोदी और नीतीश

महागठबंधन की महारैली में इंडिया गठबंधन ने फूंका चुनावी बिगूल, निशाने पर रहे पीएम मोदी और नीतीश

विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ने रविवार को बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित जनविश्वास महारैली के जरिए लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंका। रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद तथा समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई दलों के नेताओं ने शिरकत की। राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा को बीच में रोककर इस रैली में भाग लेने मध्य प्रदेश से आए। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल दो-तीन बहुत अमीर लोगों के लिए काम कर रही है और दलितों और पिछड़े वर्गों की उपेक्षा कर रही है जिनकी आबादी देश की कुल जनसंख्या का 73 प्रतिशत है।

रैली के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री पर सबसे तीखा हमला उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी लालू प्रसाद यादव ने किया। नीतीश कुमार के हाल में महागठबंधन से अचानक अलग होने और भाजपा नीत राजग के साथ नई सरकार बना लेने से राजद बिहार की सत्ता से बाहर हो गई। इससे पहले 2017 में कुमार राजद का साथ छोड़कर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जा चुके हैं। साल 2017 में नीतीश कुमार कुमार के पाला बदलने की चर्चा करते हुए लालू यादव ने कहा कि मैंने तब नीतीश कुमार को कोई गाली नहीं दी थी, केवल उन्हें पलटूराम कहा था। यह लेबल उनके अपने कार्यों के आधार पर उनके व्यक्तित्व से चिपक गया है। मैं सोशल मीडिया पर उनके बारे में मजेदार वीडियो देखता हूं और सोच रहा हूं कि क्या ये उन्हें शर्मिंदा नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ असहजता बढ़ने के बाद अगर नीतीश कुमार फिर से उनके पास आएंगे तो उन्हें अस्वीकार कर दिया जाएगा।

अधिक उम्र और खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे लालू प्रसाद ने राजनीति में परिवारवाद की आलोचना करने के लिए प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर नरेन्द्र मोदी के पास अपना परिवार नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं। वह राम मंदिर के बारे में डींगें मारते रहते हैं। वह सच्चे हिंदू भी नहीं हैं। हिंदू परंपरा में बेटे को अपने माता-पिता के निधन पर अपना सिर और दाढ़ी मुंडवानी चाहिए। जब उनकी मां की मृत्यु हुई तो मोदी ने ऐसा नहीं किया।

इससे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लालू प्रसाद के छोटे पुत्र एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की सराहना करते हुए कहा कि आपके चाचा (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार) ने एक बार फिर पाला बदल लिया है। वह दोबारा ऐसा कर सकते हैं। लेकिन आगे से उन्हें स्वीकार मत करना।

वहीं, रैली को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में कुल मिलाकर 120 (80 उत्तर प्रदेश में और 40 बिहार में) सीटें हैं। अगर हम इन दोनों राज्यों में भाजपा की हार सुनिश्चित करते हैं, तो केंद्र में भाजपा सरकार नहीं बना पाएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश 80 हराओ का नारा दे रहा है तो बिहार भी पीछे नहीं हैं तथा यहां भी 40 हराओ का नारा है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तरप्रदेश और बिहार ने ठान लिया तो इनका सूपड़ा साफ हो जायेगा। एक तरफ संविधान के रक्षक हैं, दूसरी तरफ संविधान के भक्षक हैं।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने अपने सम्बोधन में गांधी मैदान को बिहार की राजनीति का परिवर्तन स्थल बताया। भारतीय साम्यवादी पार्टी (भाकपा) डी. राजा और भाकपा माले के दीपांकर भट्टाचार्य जैसे वामपंथी नेताओं ने मोदी सरकार की नीतियों की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि ये सरकार केवल बड़े व्यवसायों को लाभ पहुंचा रही है।