Saturday 13-Jun-2026

बिना जनगणना कराये केंद्र ने कैसे तैयार की हिंदू-मुस्लिम जनसंख्या रिपोर्ट: तेजस्वी यादव

बिना जनगणना कराये केंद्र ने कैसे तैयार की हिंदू-मुस्लिम जनसंख्या रिपोर्ट: तेजस्वी यादव

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए बृहस्पतिवार को पूछा कि बिना जनगणना कराए केंद्र ने कैसे हिंदू-मुस्लिम जनसंख्या रिपोर्ट तैयार कर ली। ईएसी-पीएम की रिपोर्ट में मुस्लिम आबादी में वृद्धि, जबकि हिंदू आबादी प्रतिशत में गिरावट का दावा किया गया है। राजद नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार मौजूदा लोकसभा चुनाव के दौरान देश के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम के बीच दरार पैदा कर रही है।

उन्होंने पूछा, आप जनगणना कराए बिना ही आंकड़ों पर (कैसे) पहुंच गए? क्या 2021 में जनगणना नहीं होनी थी? आप देश के प्रधानमंत्री हैं...कृपया हिंदू-मुस्लिम की भावना त्यागें और मुद्दों पर बात करें। तेजस्वी ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब पत्रकारों ने ईएसी-पीएम रिपोर्ट पर उनसे सवाल पूछे।

धार्मिक अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी: देशव्यापाी विश्लेषण (1950-2015) शीर्षक से जारी ईएसी-पीएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि 1950 और 2015 के बीच देश की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 84.68 प्रतिशत से 7.82 प्रतिशत घटकर 78.06 प्रतिशत रह गयी, जबकि इस अवधि के दौरान मुसलमानों की आबादी में हिस्सेदारी 9.84 प्रतिशत से बढ़कर 14.09 प्रतिशत हो गई।

तेजस्वी ने कहा, न तो प्रधानमंत्री और न ही भाजपा नेता बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करेंगे। प्रधानमंत्री बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के बारे में बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सिर्फ समाज में दरार पैदा करने की कोशिश कर रही है। वे संविधान बदलना चाहते हैं। हम विभाजनकारी ताकतों को समाज में दरार पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे।