राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को दावा किया कि वह (यादव) केवल अपने परिवार के लिए काम करते हैं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बिहार के लोगों के लिए काम करता है। सुपौल लोकसभा क्षेत्र के सहरसा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कुमार ने दावा किया कि 2005 में उनके सत्ता में आने से पहले राज्य में कोई विकास नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा, वह (लालू) केवल अपने परिवार के लिए काम करते हैं- उनकी पत्नी, बेटे और बेटियां उनके लिए सब कुछ है। वह खुद सत्ता में थे... फिर अपने बेटों को आगे बढ़ाया और अब अपनी बेटियों को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन हम सभी के लिए काम करते हैं। मेरे लिए पूरा बिहार मेरा परिवार है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ''कोई नौ बच्चा पैदा करता है?
नीतीश कुमार ने दावा किया कि बिहार में राजद के कार्यकाल के दौरान लोग बाहर तक नहीं जा सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया, लोग पुरानी बातें भूल जाते हैं, इसलिए, मैं सभी को याद दिलाना चाहता हूं कि 2005 से पहले उनके कार्यकाल में बिहार में कोई विकास कार्य नहीं किया गया था। लोग बाहर नहीं निकल सकते थे, सड़कें या शिक्षा नहीं थी। सांप्रदायिक झड़प आम बात थी।
नीतीशी कुमार ने कहा, मेरे कार्यकाल के दौरान राज्य में मदर्सों को मान्यता दी गई थी। हमने अब तक राज्य में आठ हजार कब्रिस्तानों की चारदीवारी कराई। लगभग एक हजार से अधिक अन्य कब्रिस्तानों को भी चारदीवारी के लिए चिह्नित कर लिया गया है।
सीएम नीतीश ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, वह बेकार की बात करता है। यहां (बिहार में) सभी काम मेरे शासनकाल के दौरान किए गए। बिहार में नौकरी देने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। 2005 से पहले उनके माता-पिता की सरकार 15 साल तक चली। क्या उस समय कोई काम हुआ था। मुख्यमंत्री ने मधेपुरा में राजग प्रत्याशी के समर्थन में रोड शो भी किया।
नीतीश कुमार के बयान पर टिप्पणी करते हुए राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार किए जा रहे इस तरह के व्यक्तिगत हमलों से पता चलता है कि राजग बिहार में सभी 40 सीट हार रही है। उन्होंने कहा, वह (नीतीश कुमार) हार से डरे हुए हैं। वह पिछले कई दिनों से अपनी सभी जनसभाओं में एक ही बयान दोहरा रहे हैं जिससे पता चलता है कि उनके पास कहने के लिए कुछ भी नया नहीं है। बता दें कि तीसरे चरण के कार्यक्रम के तहत सहरसा और मधेपुरा सात मई को मतदान होगा। जदयू ने सुपौल में दिलेश्वर कामत और मधेपुरा में दिनेश चंद्र यादव को मैदान में उतारा है।