बिहार के पूर्णिया से नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर एक फर्नीचर व्यवसायी ने दर्ज कराई है। इस मामले को लेकर पप्पू यादव की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के लिए मजबूर मत करो। वैचारिक लड़ाई लड़ो, हम मानहानि का केस करेंगे, कोर्ट जा रहे हैं।
मीडिया के साथ बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि हम कमजोर नहीं होंगे। पहले भी जनता मेरे साथ थी और आज भी जनता मेरे साथ है। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाला हाल है। इस दौरान पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि एफआईआर में 2021 का जिक्र किया गया है तो 2024 में केस क्यों कर रहा है? जिस अमित का जिक्र किया जा रहा है वह रांची में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर है। अमित से क्या बात हुई है? अमित ने क्या बोला इसका सबूत कहां है? केस करने वाला कहता है कि सबूत डिलीट हो गया और हम पर आरोप लगाता है।
क्या है पूरा मामला
फर्नीचर व्यवसायी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 के दो अप्रैल को पप्पू यादव ने उनसे 10 लाख की रंगदारी मांगी थी। इसके बाद वर्ष 2023 के दुर्गापूजा के दौरान फोन एवं व्हाट्सएप कॉल के जरिए व्यवसायी से 15 लाख रुपये एवं सोफा सेट की मांग की। लोकसभा चुनाव के दौरान सांसद के कथित एक खास अमित यादव ने गत पांच अप्रैल को अमित यादव ने 10 से 15 बार कॉल करके व्यवसायी को सांसद पप्पू यादव के आवास अर्जुन भवन बुलाया एवं उनसे 25 लाख रूपये की रंगदारी मांगी। पुन: 4 जून को अमित यादव ने कहा कि पांच साल पूर्णिया में रहना है। व्यवसायी से एक करोड़ रूपये की मांग करते हुए नहीं देने पर पूर्णिया छोड़ने एवं जान से मारने की धमकी दी गई।