Saturday 13-Jun-2026

पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिहार के सभी डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स हटाए जाएंगे, सरकार को 60 दिन की मोहलत

पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बिहार के सभी  डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स हटाए जाएंगे, सरकार को 60 दिन की मोहलत

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार को एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण आदेश देते हुए राज्य के सभी डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स को हटाने का निर्देश दिया है। इस फैसले ने बिहार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग में हड़कंप मचा दिया है। कोर्ट ने सरकार को इस आदेश को लागू करने के लिए 60 दिनों की मोहलत दी है। यह फैसला सीडब्लूजेसी वाद संख्या 5902/2024 के तहत सुनाया गया, जिसमें बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारियों को डीसीएलआर के पद पर नियुक्त करने की मांग उठाई गई थी।

 

पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका में यह मांग की गई थी कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों को डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स के पद पर नियुक्त किया जाए। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स के मौजूदा पदों पर नियुक्तियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं और इन पदों पर बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद यह पाया कि डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स की नियुक्तियां और उनकी कार्यप्रणाली में कई अनियमितताएं हैं, जिसके आधार पर सभी डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स को हटाने का आदेश दिया गया।पटना हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में इन सब बिंदुओं पर जोर दिया 

सभी मौजूदा डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स को उनके पदों से हटाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने माना कि इन नियुक्तियों में पारदर्शिता और नियमों का पालन नहीं किया गया।बिहार सरकार को इस आदेश को लागू करने और नए सिरे से नियुक्तियां करने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है।कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स के पदों पर बिहार राजस्व सेवा के योग्य अधिकारियों को नियुक्त किया जाए, ताकि भूमि सुधार और राजस्व संबंधी कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो।यह फैसला राजस्व और भूमि सुधार विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।इस फैसले से बिहार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेंगे। डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स  भूमि विवादों, जमाबंदी, और भूमि सुधार से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों को देखते हैं, और इन पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति से कार्यप्रणाली में बदलाव आ सकता है।बिहार में भूमि विवादों की संख्या बहुत अधिक है, और डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स  की भूमिका इन मामलों को सुलझाने में अहम होती है। इस फैसले से लंबित मामलों के निपटारे में कुछ समय के लिए देरी हो सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह सुधारात्मक कदम माना जा रहा है।इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने इसे नीतीश सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे सुधार की दिशा में एक कदम बताया है।