बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने का पूरा श्रेय ले सकते हैं।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर की जन्मशती पर जनतादल यूनाइटेड (जदयू) द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए पार्टी के शीर्ष नेता नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक गुरू के लिए सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार की अपनी निरंतर मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे मेरी पार्टी के सहयोगी और दिवंगत नेता के पुत्र रामनाथ ठाकुर ने बताया कि घोषणा के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन किया था। अभी तक प्रधानमंत्री ने मुझे फोन नहीं किया है। हो सकता है कि वह इस कदम का पूरा श्रेय स्वंय लेना चाहते हों। जो भी हो, मैं उस मांग को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को धन्यवाद देता हूं जो मैं बिहार में सत्ता संभालने के बाद से उठाता रहा हूं।
जदयू प्रमुख ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने परिवार के किसी भी सदस्य को बढ़ावा देने की कभी कोशिश नहीं की, क्योंकि उन्होंने दिवंगत कर्पूरी ठाकुर से प्रेरणा ली थी जो सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने कहा कि वह कर्पूरी ठाकुर ही थे जिन्होंने अन्य पिछड़े वर्गों और अत्यंत पिछड़े वर्गों के प्रति हमें प्रतिबद्ध होने के लिए प्रेरित किया। जातिगत सर्वेक्षण करवाकर हमने वंचित वर्गों के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं जो शुरू की हैं उसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।