Thursday 14-May-2026

महागठबंधन सरकार में जारी 826 करोड़ के टेंडर रद्द, भड़के पूर्व PHED मंत्री; CBI जांच की मांग की

महागठबंधन सरकार में जारी 826 करोड़ के टेंडर रद्द, भड़के पूर्व PHED मंत्री; CBI जांच की मांग की

महागठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) में हुए 826 करोड़ रुपये के 350 टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था के लिए ये टेंडर हुए थे। अब नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार बबलू ने यह जानकारी दी। इस बीच 826 करोड़ के 350 टेंडर रद्द किए जाने पर पूर्व PHED मंत्री ललित यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ललित यादव ने कहा कि हमारी कोई भूमिका नहीं है। अधिकारियों ने ही टेंडर किया था। टेंडर में कोई गड़बड़ी नहीं थी।

उन्होंने बिहार सरकार के PHED मंत्री नीरज बबलू को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो पूरे मामले की जांच कराएं। राज्य में भी एजेंसी है और केंद्र में भी एजेंसी है। जब से नल जल योजना चल रही है, तब से वह जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में ही नल जल योजना का टेंडर हुआ है। महागठबंधन की सरकार में 5 लाख का भी टेंडर नहीं हुआ।

इससे पहले नीरज बबलू ने मंगलवार को बताया था कि विभागीय जांच के दौरान प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई है। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। शेष टेंडरों की जांच चल ही रही है। गड़बड़ी वाले टेंडर की संख्या और बढ़ सकती है। विभाग ने इन टेंडरों से जुड़ी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है ताकि गहन जांच हो सके। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘हर घर नल का जल’ के संकल्प को पूरा करने के लिए जल्द ही नए सिरे से टेंडर किए जाएंगे।

गौरतलब है कि 17 महीने के कार्यकाल के दौरान महागठबंधन सरकार ने 4600 करोड़ रुपये के 1160 टेंडर किए थे। उस समय विभाग के मंत्री ललित यादव थे। टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद एनडीए सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में अनियमितता मिलने पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इनमें ज्यादातर टेंडर हैंडपंप और जलापूर्ति व्यवस्था से संबंधित थे।