दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) द्वारा की गई गिरफ्तारी की निंदा की और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सत्ता के लिए निम्न स्तर पर जाने का आरोप लगाया। आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि हार के डर में गिरफ्तार ये लाचार मोदी सरकार लोकतंत्र को तार तार करती आई है और करती रहेगी। इनका जाना एकदम तय है। इसलिए इनमें इतना भय है।
वहीं बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी की गिरफ़्तारी से साफ ज़ाहिर है कि विपक्ष से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की बजाय बीजेपी जाँच एजेंसियों एवं अन्य संवैधानिक संस्थानों की आड़ और पुरजोर मदद से चुनाव लड़ना चाहती है। राजनैतिक, लोकतांत्रिक व संवैधानिक नैतिकता एवं मर्यादाओं को NDA सरकार ने तार-तार कर देश पर अघोषित आपातकाल थोप दिया है।
हम सभी मज़बूती से दिल्ली के लोगों की अति लोकप्रिय सरकार के साथ खड़े हैं। जैसा की हम सब ने पटना व मुंबई से खुल कर ऐलान किया था - हम डरने वाले नहीं बल्कि लड़ कर जीतने वाले लोग हैं।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को देश में 'लोकतंत्र का अंत' करार दिया और उसी अंदाज में 'गिरफ्तारी की पटकथा लिखने' के लिए केंद्र पर हमला बोला जैसा कि एक महीने पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ किया गया था। झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने 'गिरफ्तारी की पटकथा' के लिए केंद्र पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग मुखर हैं और पूरे विपक्ष का भी यही हश्र होगा। उन्होंने मांग की कि चुनाव अधिसूचना रद्द कर दी जाए क्योंकि 'यह भारत में लोकतंत्र का अंत है और अब चुनाव की कोई आवश्यकता नहीं है।'
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी ''एक नई जनक्रांति को जन्म देगी''। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, '' जो ख़ुद हैं शिकस्त के ख़ौफ़ में क़ैद 'वो' क्या करेंगे किसी और को क़ैद...भाजपा जानती है कि वो फिर दुबारा सत्ता में नहीं आनेवाली, इसी डर से वो चुनाव के समय, विपक्ष के नेताओं को किसी भी तरह से जनता से दूर करना चाहती है, गिरफ़्तारी तो बस बहाना है। ये गिरफ़्तारी एक नयी जन-क्रांति को जन्म देगी।