न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह निर्देश देते कहा कि हमारे देश में अजमल कसाब को भी निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिया गया था...उच्च न्यायालय में उसका पक्ष रखने के लिए वकील नियुक्त किया गया था।