लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर सभी निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को आज नसीहत दी कि जिस प्रकार से संविधान सभा में अलग-अलग विचार धारा वाले विद्वानों ने एक-एक अनुच्छेद पर विचार मंथन करके पूरी गरिमा एवं मर्यादा से सहमति या असहमति व्यक्त की, हमें भी उसी परंपरा को सदनों में अपनाना चाहिए।