लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर सभी निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को आज नसीहत दी कि जिस प्रकार से संविधान सभा में अलग-अलग विचार धारा वाले विद्वानों ने एक-एक अनुच्छेद पर विचार मंथन करके पूरी गरिमा एवं मर्यादा से सहमति या असहमति व्यक्त की, हमें भी उसी परंपरा को सदनों में अपनाना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि देश का संविधान केवल कानूनी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक बदलाव का मार्गदर्शक भी रहा है। ओम बिरला ने कहा कि 26 नवंबर को हम संविधान अंगीकरण के 75 वर्ष तथा 10वां संविधान दिवस मनाने जा रहे हैं। इन 75 वर्षों के दौरान संविधान ने हमारे लोकतंत्र को अवलंब दिया, सुदृढ़ किया और आज लोकतंत्र हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग बन चुका है।