कानपुर, इंपैक्ट लाइव टीम।
बरौनी से दिल्ली जा रही हमसफर के एसी कोच में मंगलवार रात परिवार के साथ सफर कर रहे प्राइवेट कर्मी की 11 साल की बेटी के साथ उसी कोच में यात्रा कर रहे 34 वर्षीय रेलकर्मी प्रशांत कुमार ने छेड़खानी कर दी। बच्ची ने पूरी घटना मां को टॉयलेट में ले जाकर बताई। गुस्से से तमतमाई मां ने यह बात अन्य यात्रियों से साझा की। इसपर यात्रियों ने प्रशांत की पिटाई शुरू कर दी। उसे रास्ते भर पीटते रहे। कंट्रोल रूम की सूचना पर बुधवार तड़के जीआरपी ने कानपुर सेंट्रल पर उसे कस्टडी में लिया।
किशोरी की मां ने आरोपी के खिलाफ जीआरपी थाने में तहरीर दी। लिखापढ़ी और पूछताछ के बाद जैसे ही प्रशांत को गिरफ्तारी की बात पता चली तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उसे केपीएम अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिला प्रशासन की अनुमति से जीआरपी ने डॉक्टरों के विशेष पैनल से गुरुवार को आरोपी का पोस्टमार्टम कराया। प्रशांत बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरमस्तपुर का रहने वाला था। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जीआरपी की जांच में पता चला है कि प्रशांत जनरल टिकट पर क्लोन एक्सप्रेस के एम-1 कोच में सफर कर रहा था। किशोरी के परिजनों ने बताया कि वह टीटीई की सीट पर यात्रा कर रहा था। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह के मुताबिक गुरुवार देर शाम पोस्टमार्टम भी करा दिया गया। बच्ची की मां की तहरीर पर जीआरपी थाने में आरोपी प्रशांत के खिलाफ पाक्सो एक्ट और 74 भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज करके घटनास्थल ऐशबाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। पीड़ित के पिता सेक्टर -12 गुरुग्राम, हरियाणा में प्राइवेट नौकरी करते हैं।