Wednesday 29-Jul-2026

नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व आज से, घाटों पर लगा व्रतियों का तांता

नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व आज से, घाटों पर लगा व्रतियों का तांता

पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।

चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ आज से प्रारंभ हो रहा है। आज सुबह से ही गंगा घाट व अन्य नदियों के किनारे स्नान करने के लिए छठ व्रतियों का तांता लगा हुआ है। मान्यता है कि छठी मैया और सूर्यदेव की कृपा से निःसंतान को संतान हो जाती है। असाध्य रोगों से पीड़ित व्यक्ति स्वस्थ्य हो जाते हैं। घर परिवार में खुशियां आती हैं।

छठ में स्वच्छता और शुद्धता का काफी ख्याल रखा जाता है। ग्रामीण और शहरी इलाके में छठ पर्व के लिए व्रती कई माह पहले से तैयारी में जुट जाती हैं। पर्व में प्रसाद पकाने के लिए ज्यादातर जगहों में स्वयं मिट्टी का चूल्हा बनाती हैं। शहरी क्षेत्र में नये ईंट से भी तात्कालीक चूल्हा बनाया जाता है। विकल्प के तौर पर कई परिवार गैस स्टोव का भी उपयोग करते हैं। छठ में प्रसाद या पकवान तैयार करने के लिए परंपरागत बर्तनों व संसाधनों का उपयोग किया जाता है। ज्यादातर घरों में प्रसाद पकाने के लिए कांसा या पीतल के बर्तन का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा मिट्टी का बर्तन भी शुद्ध माना जाता है। वहीं छठ में प्रसाद तैयार करने के लिए घर में मौजूद चक्की आदि को आज भी प्राथमिकता दी जाती है।

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छठ महापर्व का पहला दिन नहाय खाय होता है. इस अवसर पर व्रती दिन में एक ही बार प्रसाद ग्रहण करती हैं. इसमें आम की लकड़ी के आग पर परंपरागत तरीके से खाना पकाया जाता है. इसमें चने की दाल, कद्दू और चावल (भात) पकाया जाता है. इसमें लहसुन-प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है। भोजन पकाने के लिए मिट्टी, कांसा या पीतल के बर्तन का उपयोग किया जाता है। दाल, भात और कद्दू की सब्जी व्रती और उनका परिवार ग्रहण करते हैं। साथ ही इस प्रसाद को ग्रहण करने के लिए दोस्तों और शुभ चिंतकों को आमंत्रित करते हैं।

पौराणिक काल से छठ मनाने की परंपरा है। इसमें छठी मैया और भगवान सूर्यदेव पूजे जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि छठी मैया, भगवान सूर्य की बहन हैं। छठ पर्व के दौरान उगते सूर्य और डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। यह त्योहार पहले तो बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के सीमावर्ती इलाके में मनाया जाता था, लेकिन आज के समय में यह भारत ही नहीं दुनिया भर के विभिन्न देशों में लोग इसे मनाते हैं।

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