पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
बिहार की चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। चारों सीटें एनडीए के खाते में गई हैं। महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की करारी हार हुई है। इस हार के बाद प्रशांत किशोर ने पहली प्रतिक्रिया दी है। पटना में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान पीके ने कहा कि बिहार में जो परिणाम आया है जीतने वालों को बधाई। जनता का जो निर्णय है वो नीतीश कुमार और बीजेपी की सरकार के समर्थन में है, लोगों ने वोट दिया है। जो सरकार चल रही है उसमें जनता का विश्वास है तो सरकार चलती रहे। हम लोग का जो प्रयास कर रहे हैं करते रहेंगे।
पीके ने मीडिया से कहा कि जन सुराज और जन सुराज अभियान दोनों को दो तरीके से देखिए। जन सुराज अभियान जो है उसको बिहार में स्थापित करने में, बिहार के घर-घर तक पहुंचाने में दो साल का वक्त लगा है। जब इसकी शुरुआत हुई तो बहुत लोगों ने यह कहा कि बिहार में तो इसकी जरूरत ही नहीं है। कोई मानेगा नहीं, सुनेगा नहीं, लेकिन बिहार के एक बड़े जनमानस में आज जन सुराज की परिकल्पना को लेकर एक सकारात्मक सोच बनी है। एक महीना पहले जन सुराज दल बना है। एक महीने में आज 10 प्रतिशत वोट लाकर जन सुराज ने शुरुआत की है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि 10 प्रतिशत वोट बहुत बड़ा होता है लेकिन बीजेपी यहां देश की सबसे बड़ी पार्टी है उसको 21 परसेंट वोट मिला है। आरजेडी को 20 और जेडीयू को 11 फीसद वोट मिला है। इससे और बेहतर हो सकता था, लेकिन जन सुराज एक महीना पुराना दल है। सिंबल 10 दिन पुराना है। कैंडिडेट नए हैं। उन क्षेत्रों में चुनाव हुआ है, जिन क्षेत्रों में जन सुराज की पदयात्रा नहीं हुई है। जन सुराज का कोई संगठन नहीं है। हालांकि यह कोई बहाना नहीं है। इससे बढ़िया प्रदर्शन हो सकता था।
पीके ने आगे कहा कि 10 प्रतिशत वोट आया है। अगर एक प्रतिशत भी आता तो भी हमारे अपने प्रयास में, कमिटमेंट में, बिहार को सुधारने के जज्बे में उसमें कमी नहीं आने वाली है। अगर 10 साल भी लगेगा तो प्रशांत किशोर इस जन सुराज अभियान से पीछे हटने वाले नहीं हैं। आज 10 प्रतिशत जनता बिहार की मानी है, वो भी दिन आएगा जब 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत बिहार की जनता मानेगी। जब तक नहीं मानेगी तब तक प्रयास चलता रहेगा।