बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। कभी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले और पार्टी संगठन को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रामचंद्र प्रसाद सिंह अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशांत किशोर के साथ खड़े हो गए हैं।
आनंद मोहन ने कहा कि बिहार की राजनीति अभी एनडीए और महागठबंधन के बीच चल रही है। अगर कोई तीसरी धारा इनमें बनती तो उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और ओवैसी सेंधमारी करते लेकिन वे लोग अभी किसी न किसी रूप में एनडीए तो कोई महागठबंधन के हिस्सा हैं।
बिहारी प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जन सुराज 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव जीतेगी. प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में उनकी सरकार बनते ही सबसे पहले शराबबंदी हटाएंगे और इससे जो राजस्व आएगा, उस राशि को प्रदेश के स्कूली शिक्षा में सुधार में लगाएंगे।
नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि किसी की टोपी उतर गई किसी का तंबू उखड़ गया। हमारा तीर निशाने पर लगता है। लालटेन चकनाचूर हो गया। एनडीए का अभी और विस्तार करेंगे।
पीके ने मीडिया से कहा कि जन सुराज और जन सुराज अभियान दोनों को दो तरीके से देखिए। जन सुराज अभियान जो है उसको बिहार में स्थापित करने में, बिहार के घर-घर तक पहुंचाने में दो साल का वक्त लगा है। जब इसकी शुरुआत हुई तो बहुत लोगों ने यह कहा कि बिहार में तो इसकी जरूरत ही नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के अपराधी प्रशांत किशोर को नहीं जानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं डरने वाला नहीं हूं। बिना सिपाही के चलता हूं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे-ऐसे सैंकड़ों अपराधियों को उल्टा टांग देंगे, पता भी नहीं चलेगा। बिहार में अगर कोई मुखिया भी जीतता है तो चार गनमैन लेकर चलता है, लेकिन पिछले दो साल से मैं पैदल चल रहा हूं और एक सिपाही भी नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि मुसलमान के दिमाग में यह भरा जा रहा है कि प्रशांत किशोर के पास पैसा कहां से आता है। मैंने 10 राज्यों में सरकार बनाने में मदद की है। एक राज्य में होने वाले चुनाव में जब मैं चुनावी सलाह देता हूं तो मेरी फीस 100 करोड़ होती है।
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार में कोई भी नेता जाति की राजनीति कर ही नहीं रहा है। लोगों को लग रहा है कि लालू-नीतीश और मांझी जाति की राजनीति करते हैं। लालू-नीतीश और मांझी सभी जाति की राजनीति नहीं करते हैं। अगर लालू यादव जाति की राजनीति करते तो यह कहते कि यादव समाज का कोई काबिल आदमी आरजेडी का नेता बनेगा।
पटना निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है। पार्टी के सभी प्रत्याशियों को स्कूल का बस्ता (बैग) आवंटित किया गया है। बिहार विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज को मिले इसी चिह्न पर चारों प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने ये बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में यदि जन सुराज की सरकार बनी तो 15 साल से कम उम्र के बच्चों की पढ़ाई प्राइवेट स्कूल में फ्री हो जाएगी। इतना ही नहीं बल्कि किताब और कपड़ों के साथ पढ़ाई का पूरा खर्च सब मुफ्त में होगा।
जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह विधानसभा का चुनाव बिहार की जनता की ताकत पर लड़ेंगे और यहां दो करोड़ लोगों से 100-100 रुपए चंदा लेंगे। 2 अक्टूबर से इस कैंपेन की शुरुआत होगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में सत्ता परिवर्तन तो होता रहा है लेकिन व्यवस्था परिवर्तन नहीं हो पाया। आरोप लगाते हुए कहा कि जीडीपी ग्रोथ के नाम पर आम लोगों के साथ छल किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि जन सुराज गरीबों को जगाने का काम कर रहा है और प्रशांत किशोर वंचितों, शोषितों और महिलाओं की आवाज बन रहे हैं।