Saturday 19-Sep-2026

राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट हैं, ग्रेजुएशन करना बाकी है; आनंद मोहन का प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला

राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट हैं, ग्रेजुएशन करना बाकी है; आनंद मोहन का प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला

पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।

बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि प्रशांत किशोर राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट हैं। उन्हें अभी राजनीति में मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन करना बाकी है। राज्य में हुए उपचुनाव के नतीजे पर बोलते हुए आनंद मोहन ने कहा कि बिहार में अभी सिर्फ दो धाराएं हैं- एनडीए और महागठबंधन। तीसरे धारा का अभी कोई उपाय नहीं है। उन्होंने कहा कि एक दो स्थानों पर स्थानीय समीकरण के कारण पीके को कुछ वोट मिल गया है।

आनंद मोहन ने कहा कि बिहार की राजनीति अभी एनडीए और महागठबंधन के बीच चल रही है। अगर कोई तीसरी धारा इनमें बनती तो उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और ओवैसी सेंधमारी करते लेकिन वे लोग अभी किसी न किसी रूप में एनडीए तो कोई महागठबंधन के हिस्सा हैं। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि वह पूर्व में ही कह चुके थे कि प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में नर्सरी के स्टूडेंट है। उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष जन सरोकारों से दूर हो रहा है प्रतिपक्ष के पास कोई काम नहीं है।

impact add1

पूर्व सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि राजनीति संघर्ष और रचना है। दोनों के बगैर राजनीति नहीं की जा सकती। बाद में डॉक्टर लोहिया ने भी इसी नारा का रूप बदल कर आगे बढ़ते हुए कहा कि राजनीति जेल वोट और पावर है। जेल भी संघर्ष का प्रतीक है वोट रचना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और पीके अभी रचना विहीन है उनके पास जन सरोकारों से जुड़कर रचना के लिए कोई प्लानिंग नहीं है। सिर्फ आंकड़ों पर राजनीति नहीं हो सकती। राजनीति सिर्फ पैसे के बल पर नहीं की जा सकती अगर ऐसा होता तो लालू प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर, मुलायम सिंह यादव जैसे लोग मुख्यमंत्री नहीं बनते….टाटा और बिरला ही मुख्यमंत्री बनते।

Advertisement

impact add5

Advertisement

impact add3