नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पटना में बिहार सरकार द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) में भोजन विषाक्तता के कारण वहां रहने वाली 13 महिलाओं के बीमार पड़ने और तीन की मौत की मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।
एनएचआरसी की ओर से गुरुवार को विज्ञप्ति में जारी कर यह जानकारी दी गयी। आयोग ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करके दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिसमें कहा है कि पीड़ितों के स्वास्थ्य की स्थिति और उन्हें या उनके परिवारों को दिए गए मुआवजे की स्थिति की जानकारी भी मांगी गयी है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनएचआरस ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है। आयोग का कहना है कि यदि यह रिपोर्ट सही है तो यह पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव से इस मामले में रिपोर्ट देने के साथ-साथ ऐसे कदम उठाने को कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दरअसल, 14 नवम्बर को मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आश्रय गृह के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि वहां रहने वाले लोग अस्वच्छ परिस्थितियों में रह रहे थे। आश्रय गृह में खाना बनाने में भी उचित साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। मीडिया की रपोर्ट में कहा गया है कि पटेल नगर इलाके में मानसिक रूप से बीमार और निराश्रित महिलाओं के लिए एक आश्रय गृह गत सात से 11 नवम्बर के बीच वहां रखी गयी 13 महिलाएं कथित रूप से विषाक्त भोजन ग्रहण करने से बीमार पड़ गईं और तीन की मृत्यु हो गयी। रिपोर्ट में कहा गया है कि रात का खाना खाने के बाद आश्रयगृह में रहने वालों ने उल्टी और दस्त की शिकायत की। उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया। इस आश्रय गृह को कथित तौर पर बिहार सरकार के दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण निदेशालय द्वारा वित्त पोषित किया जाता है।