पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
राजधानी पटना इस्कॉन मंदिर में रविवार की रात जमकर लाठी-डंडे चले। इस दौरान दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। मारपीट की घटना में कई पुजारी जख्मी हो गए हैं। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला को शांत कराने के बाद कुछ पुजारियों को पकड़ कर पुलिस स्टेशन ले गयी। वहीं मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है। बताया गया है कि मंदिर के प्रशासक के द्वारा बाल योगियों के साथ मारपीट की गयी है। मंदिर के पुजारियों ने एक वीडियो को लेकर शिकायत की थी। इसी मामले में विवाद बढ़ गया और पुजारियों को मीटिंग के बहाने बुलाकर मारपीट की है।
इस संबंध में एसडीपीओ (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया है कि कोतवाली थाना क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर है। वहां कुछ बाल योगी और मंदिर प्रशासन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया है. मारपीट में कुछ लोग घायल हो गए हैं। इन लोगों के द्वारा कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उसकी जांच की जा रही है। इसमें जो भी खुलासा होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
थाना पहुंचे भागलपुर इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष गिरधारी दास और पटना इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष कृष्ण कृपा दास से पूछताछ की गयी। दोनों पक्षों ने इस पूछताछ में एक दूसरे पर आरोप लगाया। गिरिधारी दास का कहना है कि उन्होंने पटना इस्कॉन मंदिर में हो रही गड़बड़ी, रुपए के गबन और ब्रह्मचारियों के साथ हो रही मारपीट के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसकी शिकायत इस्कॉन मंदिर के हाइयर ऑथरीटी से की थी। काफी टाइम से मंदिर में गलत चीजें हो रही थी। उन्होंने बताया कि मामले को सुलह के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान बाउंसरों के द्वारा पीटा गया। वहीं कृष्ण कृपा दास ने बताया कि मंदिर ऑथीरिटी में गिरिधारी दास अपनी भागीदारी चाहते हैं। भागलपुर ट्रांसफर होने के बाद भी यहां रह रहे थे। पूर्व में भी विवाद में रहे हैं। इसी को लेकर झड़प हुई है।