Monday 08-Dec-2025

RJD सांसद सुधाकर सिंह को मिली धमकी, शिकायत करने पर थानेदार ने कहा- सांसद और विधायकों को जेब में लेकर घूमता हूं

RJD सांसद सुधाकर सिंह को मिली धमकी, शिकायत करने पर थानेदार ने कहा- सांसद और विधायकों को जेब में लेकर घूमता हूं

बक्सर, इंपैक्ट लाइव टीम।

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने मोबाइल पर धमकी मिली है। उन्होंने जब इसकी शिकायत संबंधित थाना प्रभारी से की तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया है। आरजेडी सांसद ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर की कहा गया है कि रामगढ़ थाना प्रभारी पर धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि एक थाना प्रभारी द्वारा जनता के चुने हुए प्रतिनिधि के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। यह घटना हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव को हिला देती है। बक्सर सांसद ने कहा कि क्या यह बिहार पुलिस की कार्य संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है? यदि एक सांसद के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा सकता है तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी?

सुधाकर सिंह ने अपने लेटर पैड से दो पत्र लिखे हैं। पहला पत्र 2 सितंबर 2024 का है, जिसे रामगढ़ (कैमूर) थाना प्रभारी के नाम से लिखा है। इस पत्र में मोबाइल नम्बर-9973227473 का जिक्र करते हुए सुधाकर सिंह ने लिखा कि इस नंबर से अविनाश कुमार नामक व्यक्ति ने मुझे फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग कर धमकी दी है। इस पर उचित कार्रवाई कर मुझे भी अवगत कराएं, जबकि दूसरा पत्र एसपी कैमूर के नाम से 8 सितंबर को 2024 को लिखा है, जिसमें अपराधियों द्वारा रंगदारी मांगने की बात कही गई है। साथ ही रामगढ़ थाना प्रभारी पर भी धमकी देने का आरोप इस पत्र में लगाते हुए उन्होंने लिखा है कि थाना प्रभारी ने कहा कि आपके जैसे सांसद और विधायक मेरे पॉकेट में पलते हैं।

आरजेडी सांसद ने एक्स पर लिखा है कि रामगढ़ प्रखंड के ग्राम नरहन और लबेदहा के स्थानीय किसानों ने मुझसे शिकायत की कि रात्रि के 12 बजे रामगढ़ थाना प्रभारी द्वारा उन्हें धमकी दी जा रही है। जब मैंने इस संबंध में और मुझे मिली धमकी के बारे में थाना प्रभारी से बात की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। थाना प्रभारी ने मुझे धमकाते हुए कहा कि वे मेरे जैसे बहुत से सांसदों और विधायकों को अपनी जेब में रखकर घूमते हैं। मुझे जहां शिकायत करनी हो, कर लें। उन्होंने ये भी कहा कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

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सुधाकर सिंह ने कहा है कि नीतीश कुमार के राज्य में विधायक, सांसद और मंत्रियो की बात भी अधिकारी नहीं सुनते हैं तो आमलोगों की बात कैसे सुनेंगे। हालात ऐसे बन गए हैं कि एसपी की बात दारोगा और डीएसपी भी नही सुनते हैं। पुलिस का यह रवैया न केवल जनप्रतिनिधियों के प्रति अनादर को दर्शाता है, बल्कि समूचे कानून व्यवस्था तंत्र पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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