रोहतास, इंपैक्ट लाइव टीम।
रोहतास जिले के डेहरी रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन से आरपीएफ व जीआरपी टीम द्वारा भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार अंतर प्रांतीय दो धंधेबाज जीआरपी थानाध्यक्ष के कक्ष से रविवार की रात फरार हो गए। दो बड़े शराब धंधेबाजों के रेल पुलिस अभीरक्षा से फरार होने की सूचना डेहरी से पटना तक पुलिस अधिकारियों तक जा पहुंची है। रेल पुलिस अधिकारियों ने टीम गठित कर फरार शराब धंधेबाजों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई है। वहीं रेल पुलिस के वरीय अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया में इसे जीआरपी थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों की लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की बात कही है।
रेल पुलिस अधिकारियों ने बताया की अभियान चलाया रहा है। इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर गाड़ी संख्या 13349 सिंगरौली- पटना एक्सप्रेस के जनरल कोच में भारी मात्रा में शराब माफियाओं द्वारा लाने की सूचना प्राप्त हुई। जिसके बाद प्लेटफार्म नंबर पांच पर ट्रेन के आने के बाद बोगी को चेक किया गया। टॉयलेट के पास से हरा, काला रंग का चेक झोला आसमानी रंग का पिह्वू बैग तथा सीमेंट की बोरी में रखी गई में बीयर और व्हिस्की की बोतलें पाई गई। पूछताछ के क्रम में दो व्यक्ति मौके से भागने लगे। जिन्हें आरपीएफ की टीम द्वारा तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने अपना नाम अमित कुमार 24 वर्ष ग्राम किरण घाट थाना कोतवाली जिला गया एवं सागर कुमार टिकारी रोड गया बताया। शराब 158 लीटर बरामद की गई। जिसमें सिग्नेचर, पाइपर, रॉयल स्टैग की शराब के साथ बीयर भी शामिल था।
कई वर्षों बाद शराब की इतनी बड़ी खेप बरामद कर जीआरपी पुलिस ने दोनों शराब धंधेबाजों को को हाजत में रखने के बजाय उन्हें थानाध्यक्ष के कक्ष में रख दिया। रेल पुलिस का कहना है कि किसी कार्य से रेल थानाध्यक्ष व अन्य अधिकारी अपने आवास चले गए थे। पहरेदारी के लिए एक रेल पुलिसकर्मी को छोड़ गए थे। लेकिन, एक घंटे बाद पुलिस अधिकारियों को पता चला कि दोनों शराब धंधेबाज थानाध्यक्ष के कक्ष के खिड़की हटाकर भागने में सफल रहे। शराब के दो अंतर प्रांतीय धंधेबाजों के थानाध्यक्ष के कक्ष से फरार होने की सूचना के बाद जहां रेल पुलिस के पसीने छूटने लगे। वहीं डेहरी, गया और पटना में बैठे रेल पुलिस के अधिकारी भी सकते में आ गए हैं।
सूचना मिलने के बाद गया से पहुंचे रेल डीएसपी अमृतेंदु कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। बताया कि शामिल थानाध्यक्ष या जिन पुलिस अधिकारी या कर्मी की लापरवाही या संलिप्तता उजागर हुई उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारी इस बात से भी नाराज थे की दो बड़े शराब धंधेबाजों को गिरफ्तार कर जीआरपी थानाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद द्वारा उसे हाजत में रखने के बजाय अपने कक्ष में क्यों रखा गया। रेल पुलिस के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित कर फरार दोनों शराब धंधेबाजो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।