शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर से जहरीली शराब पीने से मौत का मामला सामने आया है। सीवान में तीन लोगों की संदिग्ध मौत हो गयी है। बताया जा रहा है कि जहरीली शराब पीने से इन लोगों की जान गयी है। घटना लकड़ी नबीगंज का बताया जा रहा है।
शराबबंदी वाले बिहार में शराब से मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दरअसल, राजधानी पटना में एक घर से दो लोगों को शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पड़ोसियों के मुताबिक यह दोनों हर दिन सुबह शाम शराब पीते थे, हालांकि इससे फिलहाल पुलिस ने इनकार कर दिया है।
जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में लोग चोरी-छुपे शराब पीते हैं और इसका कोई आंकड़ा नहीं है। तेजस्वी यादव अगर कह रहे हैं तो वह खुद शराब पीते होंगे। मांझी ने आगे कहा कि घर-घर शराब बिकने की बात अगर तेजस्वी यादव करते हैं तो वह शायद खुद शराब तस्करी में लीन होंगे।
आरजेडी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक शराब की बोतल के बीच जेडीयू के अंग्रेजी अक्षरों को रखकर उनका फुल फॉर्म बताया है। इस पोस्ट में लिखा है कि J- जहां D- दारू U- अनलिमिटेड। इसके साथ ही कैप्शन में लिखा है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद हर घर में उपलब्ध शराब और जहरीली शराब से हो रही मौतों का जिम्मेवार कौन है?
रोहतास जिले के डेहरी रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन से आरपीएफ व जीआरपी टीम द्वारा भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार अंतर प्रांतीय दो धंधेबाज जीआरपी थानाध्यक्ष के कक्ष से रविवार की रात फरार हो गए। दो बड़े शराब धंधेबाजों के रेल पुलिस अभीरक्षा से फरार होने की सूचना डेहरी से पटना तक पुलिस अधिकारियों तक जा पहुंची है।
जीतन राम मांझी ने कहा है कि हम सभी सफेदपोश रात में शराब पीते हैं लेकिन हमें पुलिस गिरफ्तार नहीं करती है। हमलोग रात में शराब पीते हैं तो हमें नहीं पकड़ा जाता लेकिन गरीब को पकड़ लिया जाता है। मांझी ने आगे कहा कि इस तरह से दोरंग नीति नहीं होनी चाहिए।