गया, इंपैक्ट लाइव टीम।
सोशल मीडिया पर एक पुलिस अधिकारी और एक व्यक्ति की बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। यह ऑडियो 2 मिनट 23 सेकंड का है। यह मामला आमस थाने का है। इसकी जांच करने का जिम्मा आइपीएस अफसर को दिया गया है। हालांकि वायरल ऑडियो की पुष्टि इंपैक्ट लाइव नहीं करता है। वायरल ऑडियो में पुलिस अधिकारी को कहते सुना जा सकता है कि का है रे? हम बिहार के सीएम के रिश्तेदार हैं, नहीं जानते हो क्या? मुकेश साहनी मेरा क्या कर लेगा? बातचीत का यह ऑडियो सुनने से साफ पता चलता है कि किसी आपराधिक घटना के पीड़ित से पुलिस अफसर की बातचीत हो रही है। यह ऑडियो पुलिस महकमा को शर्मसार करने वाला है।
कोठी थानाक्षेत्र के तेलवारी गांव के रहने वाले भगवान चौधरी के पुत्र अनिल कुमार (अध्यक्ष, विकासशील इंसान पार्टी, इमामगंज प्रखंड) ने दावा किया है कि बातचीत में याचक के रूप में वह खुद हैं, और दूसरी तरफ आमस के थानेदार इंद्रजीत कुमार हैं, जो बेहूदा बातें कर रहे हैं। ऑडियो 20 सितंबर का है। अलबत्ता थानेदार इंद्रजीत ने पत्रकारों के पूछे जाने पर इस तरह की बातचीत करने से इनकार किया है। पीड़ित अनिल कुमार ने बताया कि ऑडियो वायरल होने के बाद शेरघाटी के एएसपी शैलेंद्र सिंह ने उसे अपने दफ्तर में बुलाया था और उसके साथ थानेदार के बर्ताव को लेकर लिखित जानकारी मांगी थी। साथ में वह ऑडियो क्लिप भी पेनड्राइव में मांगी गई थी, जिसे उपलब्ध कराया गया है। बताया जाता है कि शर्मसार करने वाले इस ऑडियो के वायरल होने के बाद गया के एसएसपी आशीष भारती ने शेरघाटी के एएसपी शैलेंद्र सिंह (आइपीएस) को जांच का जिम्मा सौंपा है। एएसपी से इस मामले में बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकनि वह उपलब्ध नहीं हो सके।
पीड़ित अनिल का कहना था कि दरअसल वह 14 सितंबर को भूमि-सर्वे के पूर्व जमीन के कागजात तैयार करने अपनी पत्नी के साथ शेरघाटी कोर्ट आया था। कोर्ट कैंपस से ही उसकी बाइक चोरी कर ली गई, उसी दिन पत्नी के साथ वह थाना पहुंचा और मामले की रिपोर्ट लिखवाई। इसी मामले में पुलिस कार्रवाई की प्रगति जानने के लिए 19 सितंबर को वीआइपी के प्रदेश अध्यक्ष प्रद्युम्न बेलदार ने आमस के थानाध्यक्ष को फोन किया था। दरअसल इमामगंज में संभावित उपचुनाव को लेकर प्रद्युम्न इमामगंज दौरे पर आए थे, और उन्हें पार्टी नेता की बाइक चोरी का पता चला था। बाद में जब पीड़ित खुद थाने पहुंचा तो थानेदार ने उसकी ऐसी तैसी कर दी।