गया, इंपैक्ट लाइव टीम।
अजमेर शरीफ दरगाह पर हुए विवाद मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से प्रतिक्रिया आई है। शुक्रवार को गया में मांझी ने कहा कि यह एक ऐसा विषय है जिस पर कोई व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं कह सकता है। अगर विवाद चल रहा है, विवाद के बाद पुरातत्व विभाग है, जो उसको देखेगा। देखने के बाद सर्वे होगा, उसके बाद निष्कर्ष निकलेगा तो उसके आलोक में कार्रवाई होती है। क्लेम करना कोई बड़ी बात नहीं है, क्लेम कोई भी कर सकता है।
जीतन राम मांझी ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण होने के पहले भी यही हुआ था, फिर बाद में कोर्ट ने कहा तो बना। मुस्लिम गुरुओं के जरिए भी एक से एक दावा किया जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग है तो जांच कर रहा है, निष्कर्ष निकालेगा। अगर सचमुच में हिंदू धर्म का कोई साक्ष्य मिलेगा तो इसके अनुसार करेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि पहले तो विवाद करना नहीं चाहिए। सैकड़ों साल पुरानी बात है। पहले लोग कहां सोए हुए थे, आज ऐसी बात क्यों कर रहे हैं। अगर उसके बाद भी है तो पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट के बाद कोर्ट में जाएंगे हीं, उसके निर्णय को मानना चाहिए।
वहीं, आरजेडी प्रमुख लालू यादव के दिए बयान कि बैलेट पेपर से ही चुनाव होना चाहिए, इस पर मांझी ने कहा कि बिहार में हारे हैं तो बैलेट सूझ रहा है। जब जीतते है तो बैलेट नहीं सूझता है। झारखंड के लोग काहे नहीं कह रहे हैं कि ईवीएम खराब है, जहां जीतते है वहां ईवीएम ठीक है। हारने के बाद खराब हो जाता है। लालू के पार्टी का कोई कार्यक्रम नहीं है। वह जनता के हित में कभी कोई काम नहीं किया है। आज भूमि विवाद, बलात्कार, लड़ाई झगड़ा देख रहे हैं। इसमें उन्हीं की पार्टी से 70% से 80% लोग हैं। वो लोग लाठी भांजों और तेल पिलाओ की बात पर विश्वास करते हैं।