अजमेर शरीफ दरगाह पर हुए विवाद मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की ओर से प्रतिक्रिया आई है। शुक्रवार को गया में मांझी ने कहा कि यह एक ऐसा विषय है जिस पर कोई व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं कह सकता है। अगर विवाद चल रहा है, विवाद के बाद पुरातत्व विभाग है, जो उसको देखेगा।
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बिहार में कोई भी नेता जाति की राजनीति कर ही नहीं रहा है। लोगों को लग रहा है कि लालू-नीतीश और मांझी जाति की राजनीति करते हैं। लालू-नीतीश और मांझी सभी जाति की राजनीति नहीं करते हैं। अगर लालू यादव जाति की राजनीति करते तो यह कहते कि यादव समाज का कोई काबिल आदमी आरजेडी का नेता बनेगा।
जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में लोग चोरी-छुपे शराब पीते हैं और इसका कोई आंकड़ा नहीं है। तेजस्वी यादव अगर कह रहे हैं तो वह खुद शराब पीते होंगे। मांझी ने आगे कहा कि घर-घर शराब बिकने की बात अगर तेजस्वी यादव करते हैं तो वह शायद खुद शराब तस्करी में लीन होंगे।
लालू यादव और जीतन राम मांझी के बीच यह जुबानी जंग तेजस्वी यादव के बयान से शुरू हुआ। इसके बाद जीतन राम मांझी ने लालू यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लालू यादव को गड़रिया बताया था। इसके बाद लालू यादव ने भी अपने बयान में जीतन राम मांझी को मुसहर बताया था।
लालू यादव ने जीतन राम मांझी के उस बयान पर हमला बोला है जिसमे मांझी ने कहा था कि लालू यादव असल में यादव नहीं हैं, वह तो गड़रिया जाति से हैं। मीडिया ने जब आरजेडी प्रमुख से इस बारे में पूछा तो उन्होंने करारा जवाब देते हुए पूछा कि 'ऊ मुसहर हैं क्या?'
तेजस्वी ने कहा कि जीतन राम मांझी पूर्व सीएम और केंद्र में मंत्री हैं। जीतन राम मांझी और उनका बेटा आरएसएस से पढ़े लिखे हैं। सच से वास्ता नहीं है। दिल्ली से बिहार तक उनकी सरकार है, जो दोषी है उसको पकड़ो और जेल भेजो।
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मांझी के बयान पर पलटवार किया है। लालू ने केंद्रीय मंत्री पर हमला करते हुए कहा कि जीतन राम मांझी भ्रमित कर रहे हैं। हम देखेंगे कौन समाज के लोग थे और ये घटना क्यों हुई है।
जीतन राम मांझी ने कहा है कि हम सभी सफेदपोश रात में शराब पीते हैं लेकिन हमें पुलिस गिरफ्तार नहीं करती है। हमलोग रात में शराब पीते हैं तो हमें नहीं पकड़ा जाता लेकिन गरीब को पकड़ लिया जाता है। मांझी ने आगे कहा कि इस तरह से दोरंग नीति नहीं होनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि अगर कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस जीती तो वो कश्मीर को पाकिस्तान में मिला देंगे। इसलिए हमने एक दिन पहले भी एक ट्वीट किया है। हम वहां की जनता से बात करेंगे कि कांग्रेस और अब्दुल्ला गठबंधन नहीं जीते और एनडीए की सरकार भारी बहुमत से बने।