जेडीयू के सीनियर लीडर केसी त्यागी ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। त्यागी की जगह अब राजीव रंजन प्रसाद को राष्ट्रीय प्रवक्त पद की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के अनुभवी नेता केसी त्यागी ने इस्तीफा देने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि केसी त्यागी राजनीतिक सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह करते रहेंगे। वहीं पार्टी सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार की जाने वाली केसी त्यागी की टिप्पणियां जेडीयू और उसके सहयोगी दल बीजेपी के संबंधों में असहजता का कारण बन रही थीं।
सूत्रों ने बताया कि चाहे समान नागरिक संहिता हो, वक्फ (संशोधन) विधेयक हो या फलस्तीन के मुद्दे पर सरकार का रुख या फिर अन्य मुद्दे हों, समाजवादी नेता त्यागी का मुखर रुख पार्टी के भीतर कई नेताओं को रास नहीं आया। इन वजहों से बीजेपी को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। केसी त्यागी ने हाल ही में इजराइल-हमास युद्ध पर विपक्षी नेताओं के साथ जारी एक संयुक्त बयान का भी हिस्सा बने थे। सूत्रों ने यह भी कहा बताया है कि विदेश नीति के मुद्दों पर सहयोगी के तौर पर सरकार के साथ चलना गठबंधन धर्म का नियम है, लेकिन केसी त्यागी ने इसके विपरीत काम किया। इतना ही नहीं केसी त्यागी ने इजराइल-फलस्तीन संघर्ष पर विपक्षी नेताओं के साथ ‘लीग ऑफ पार्लियामेंटेरियन’ के महासचिव मोहम्मद मकराम बालावी के लिए दोपहर भोजन का आयोजन किया और यहां तक कि विपक्ष के साथ एक संयुक्त बयान भी जारी किया। इस संयुक्त बयान में भारत से इजरायल को हथियारों की बिक्री रोकने को कहा गया. इस पर केसी त्यागी, अली, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सांसदों और नेताओं के हस्ताक्षर थे।
जेडीयू के एक बड़े नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया है कि बीजेपी की ओर से केसी त्यागी को हटाने का कोई दबाव नहीं था और यह निर्णय नीतीश कुमार द्वारा लिया गया था। वहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी चाहती है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं पार्टी संसदीय दल के नेता व कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बीजेपी के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में भूमिका निभाएं। बता दें कि जेडीयू के अनुभवी नेता केसी त्यागी को मई 2023 में राष्ट्रीय प्रवक्ता के साथ ही 'विशेष सलाहकार' नियुक्त किया गया था। उनकी इस नियुक्ति के संबंध में जारी बयान में कहा गया था कि केसी त्यागी के संगठनात्मक अनुभव का लाभ उठाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री एवं पार्टी के प्रमुख नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी का विशेष सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है।