Sunday 02-Aug-2026

'भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने की गति को तेज करने की जरूरत'

'भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने की गति को तेज करने की जरूरत'

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

इंटरनेशनल काउंसिल फॉर क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) द्वारा आयोजित भारतीय क्लीन ट्रांसपोर्टेशन समिट (ICTS) 2024 में विशेषज्ञों ने भारत के परिवहन क्षेत्र के डीकार्बोनाइजेशन के लिए वित्तीय समर्थन और नए बिजनेस मॉडल की मांग की। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए भारी उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. हनीफ कुरैशी ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने की गति को तेज करने की जरूरत है। स्थानीय निर्माण स्थानीय विकास के साथ-साथ लागत में कमी के लिए भी आवश्यक है। ई-ट्रक तैनाती को बढ़ाने के लिए तकनीक से ज्यादा अर्थशास्त्र की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पहले दिन उद्घाटन सत्र में नीति आयोग के सलाहकार सुभेंदु जे सिन्हा ने कहा कि सरकार ट्रकिंग क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए सप्लाई चेन प्रबंधन पर पहले से ही काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में 13 से 16 गुना की कमी की गई है ताकि सप्लाई चेन तैयार हो सके। दूसरे दिन दिल्ली सरकार के परिवहन एवं पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि एटीआई और आईआईटी द्वारा व्यापक सर्वेक्षण किए गए हैं और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके मार्गों का विकास किया जा रहा है। आईसीसीटी ने इन मार्गों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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ICCT के इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर अमित भट्ट ने कहा कि आईसीटीएस की शुरुआत दो साल पहले एक नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से की गई थी, जिसमें थिंक टैंक, निजी क्षेत्र, सिविल सोसाइटी और सरकार मिलकर भारत की परिवहन इलेक्ट्रिफिकेशन यात्रा पर काम कर सकें। आज ICCT का लक्ष्य भारत के परिवहन क्षेत्र के डीकार्बोनाइजेशन, कम-उत्सर्जन क्षेत्र स्थापित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोडमैप तैयार करने पर केंद्रित है।

'इलेक्ट्रिक ट्रक: मार्जिन से मेनस्ट्रीम तक', 'जीरो एमिशन व्हीकल अपनाने के लिए फ्यूल कंजम्प्शन स्टैंडर्ड्स', 'लाइट ड्यूटी वाहनों का डीकार्बोनाइजेशन', और 'ई-ट्रैक्टर के लिए टेक्नोलॉजी, पॉलिसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर'। दूसरे दिन के सत्रों में कम-उत्सर्जन क्षेत्र, ई-फ्रेट के लिए ई-हाईवे, नॉर्वे की ईवी यात्रा, रियल-वर्ल्ड मोटर वाहन उत्सर्जन, और मोहल्ला बस ऑपरेशंस जैसी चर्चाएं शामिल थीं।

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