नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अगले 10 वर्षों में भारत की आपराधिक न्यायिक प्रणाली दुनिया में सबसे आधुनिक, वैज्ञानिक और तेज गति वाली होगी। शाह ने गुजरात के गांधीनगर में 50वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन के स्वर्ण जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। गृह मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के बिना पुलिसिंग और सुरक्षा व्यवस्था को प्रासंगिक रखना संभव ही नहीं है। पुलिस विज्ञान कांग्रेस, अपराध के खिलाफ लड़ाई के हमारे पूरे तंत्र को प्रासंगिक रखने के लिए है।
अमित शाह ने कहा कि हमें नए सिरे से इसके स्वरूप, सहभागिता, इनपुट्स लेने की पद्धति, अनुसंधान और विकास को पुलिस स्टेशन से नीचे बीट कॉंस्टेबल तक पहुंचाने की व्यवस्था करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि इस पर समग्रता से विचार करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी पद्धति 50 साल तक चलती है तो वह अप्रासंगिक हो जाती है। पिछले कई दशकों में देश, दुनिया, अपराध जगत और पुलिसिंग में बहुत सारे परिवर्तन आए हैं लेकिन क्या इनके अनुरूप पुलिस विज्ञान कांग्रेस का स्वरूप बदला है? उन्होंने पुलिस विज्ञान कांग्रेस की कार्यपद्धति, उद्देश्य़ों और निर्णयों पर अमल में जो समयानुकूल परिवर्तन होना चाहिए, उसमें हम कहीं न कहीं पीछे हैं। आने वाले समय की चुनौतियों को समझे बिना हमारी योजना कभी सफल नहीं हो सकती।
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत विश्व का हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़ा है और इसके कारण हमारी चुनौतियां और बढ़ गई हैं।भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की 11वें से पांचवे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गई है और वर्ष 2028 से पहले हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।भारत की आंतरिक सुरक्षा और आपराधिक न्याय प्रणाली में बहुत क्रांतिकारी बदलाव हुआ है।