Friday 07-Aug-2026

पीएम मोदी ने संविधान नहीं पढ़ा है, राहुल गांधी का दावा

पीएम मोदी ने संविधान नहीं पढ़ा है, राहुल गांधी का दावा

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

कांग्रेस ने संविधान दिवस के अवसर पर देश में जातीय जनगणना और आनुपातिक आरक्षण के साथ-साथ मतदान प्रणाली में मतपत्र की वापसी को आवश्यक बताते हुए कहा है कि इससे लोगों को अधिकार मिलेंगे और लोकतंत्र मजबूत होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को तालकटोरा स्टेडियम में संविधान रक्षक अभियान-मेरी जान मेरा अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सबको उनका अधिकार दिलाकर बहुसंख्यकों को न्याय देने के लिए जाति जनगणना आवश्यक है और इसके लिए कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक संसद में इसे पारित नहीं कराया जाता है।

राहुल गांधी ने ओबीसी, आदिवासी और दलितों को उनका हक दिलाने का वादा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार ने आज संसद में संविधान दिवस पर समारोह का आयोजन किया लेकिन मैं दावा करता हूं पीएम मोदी ने संविधान नहीं पढ़ा है और यदि पढ़े होते तो वह कार्य नहीं करते जो कर रहे हैं। संविधान भारत की हजारों साल की सोच का परिणाम है। बुद्ध से लेकर गांधी तक जो भी महापुरुष हुए हैं, उनकी सोच हमारे संविधान की इस पुस्तक में है। हमारी सरकार जिस भी राज्य में है, वहां संविधान के अनुसार काम कर रही है। कांग्रेस का प्रमुख एजेंडा जातीय जनगणना कराना है और कांग्रेस के शासन वाली हर सरकार इस एजेंडे पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश में लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है। लोगों को बोलने नहीं दिया जाता है। देश का पूरा सिस्टम दलितों, आदिवासियों को बोलने नहीं देता है और ये लोग कंपनियों में ऊंचे पद पर नहीं दिखते। देश में 200 कंपनियों की सूची बनाई जाये तो कोई भी आदिवासी या दलित शीर्ष पद पर नहीं होगा। आपको दवाई और बीमारी के इलाज में भारी रकम खर्च करनी पड़ती है तो सवाल है कि क्या यह पैसा किसी पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों की जेब में जाता है, नहीं, यह पैसा सिर्फ 25 उद्योगपतियों के पास जाएगा। उन्होंने कहा कि वह जातीय जनगणना को लोकसभा में पारित करके दिखाएंगे और आरक्षण के लिए 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म करेंगे।

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