लोकसभा चुनाव के सातवें व अंतिम चरण का मतदान शनिवार की शाम को सम्पन्न हो गया। इस आखिरी चरण में उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों पर चुनाव आयोग के वोटर टर्न आउट पर शाम सात बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 55.60 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में इस अंतिम चरण में 58.37 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार सबसे ज्यादा 60.34 प्रतिशत वोट चंदौली सीट पर पड़े और सबसे कम 51.25 प्रतिशत मतदान सलेमपुर सीट पर हुआ। वाराणसी लोकसभा सीट पर 56.35 प्रतिशत वोट पड़े।
महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव सु., घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज सु. सीटों पर शनिवार को मतदान सम्पन्न हो गया। इसके साथ ही दुद्धी विधानसभा की रिक्त सीट के उपचुनाव के लिए भी वोट पड़े। यहां 54.76 प्रतिशत मतदान हुआ। इन 13 सीटों में से छह पर वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भाजपा के छह मौजूदा सांसदों का राजनीतिक भविष्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में दर्ज हो गया। भाजपा के सहयोगी दल अपना दल एस.से मिर्जापुर सीट से केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और राबर्ट्सगंज से अपना दल एस. से विधायक रिंकी कोल की भी किस्मत का फैसला वोटरों ने कर दिया। 2019 के पिछले लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस चुनाव में इन 13 सीटों में से एक बसपा ने, दो भाजपा के सहयोगी दल अपना दल एस.ने और बाकी 10 सीटें भाजपा ने जीती थीं।
अन्य प्रमुख प्रत्याशियों में वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी के मुकाबले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय उतरे हैं तो बलिया से पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के बेटे नीरज शेखर, गाजीपुर से सपा के टिकट पर अफजाल अंसारी, घोसी सीट से प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविन्द राजभर सुभासपा के टिकट पर उम्मीदवार हैं।