पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महावीर मन्दिर न्यास द्वारा बिहार के पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। गुरुवार को संसद भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री ने विराट रामायण मन्दिर की चर्चा उस समय की, जब उन्हें आचार्य किशोर कुणाल की पुस्तक दमन तक्षकों का भेंट की गयी।
पुस्तक के मुख्य पृष्ठ पर गुजरात कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल की तस्वीर देखते ही पीएम मोदी ने उनका हाल जाना। पीएम मोदी ने कहा कि ये तो मेरे पूर्व परिचित हैं। गुजरात के ही आईपीएस थे। वीआरएस लेकर बिहार में बड़ा मन्दिर बनवा रहे हैं। बता दें कि 1972 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल ने वर्ष 2001 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। उनकी पुस्तक 'दमन तक्षकों का' गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के प्रमुख और रोचक घटनाक्रम से युक्त उनकी जीवनी है।
पुस्तक की शुरुआत गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में आनंद जिले के एएसपी पद पर उनकी पहली तैनाती से हुई है। पुस्तक का समापन अहमदाबाद में एडीजी के रूप में जेल सेवाओं के प्रमुख के तौर पर उनके कार्यकाल से हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी के रूप में और उसके बाद भी नरेन्द्र मोदी जी से उनकी कई बार मुलाकात हुई। पिछले कुछ वर्षों में पीएम मोदी हरेक मुलाकात में विराट रामायण मंदिर के बारे में जानने के इच्छुक रहे।
आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विराट रामायण मंदिर के निर्माण में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया है। सायण कुणाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उनके द्वारा विराट रामायण मंदिर के बारे में पूछे जाने पर उन्हें बताया कि पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट् रामायण मंदिर के पाइलिंग का काम पूरा कर लिया गया है। अब ऊपरी भाग का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। 270 फीट ऊंचे, 540 फीट चौड़े और 1080 फीट लंबे विराट रामायण मन्दिर की मुख्य संरचना के निर्माण पर 185 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विराट रामायण मंदिर अयोध्या से जनकपुर तक बन रहे राम जानकी मार्ग पर स्थित है। आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की जिज्ञासा को देखते हुए वे जल्द ही स्वयं उनसे मुलाकात कर विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर के निर्माण और उससे जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी देंगे।