पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी की हत्या किसने की? क्या चोरी और लूटपाट के की नीयत से हत्याकांड को अंजाम दिया गया? इन सब सवालों के जवाब अभी आने बाकी हैं। हालांकि जीतन सहनी हत्याकांड के जांच के लिए एसपी ग्रामीण काम्या मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम चोरी के दौरान विरोध पर हत्या सहित विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। चार लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ चल रही है। हिरासत में लिए गए चार संदिग्धों में एक महिला है, जो खाना बनाने का काम करती है। इन दोनों को सीसीटीवी कैमरे में घटनास्थल के पास देखा गया था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिरासत में लिए गए चारों संदिग्ध सोमवार देर रात जीतन सहनी के घर पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज से से इनकी पहचान की गई है। वहीं एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि इनमें से दो को जीतन सहनी ने उधार पर पैसे दिए थे। इनमें से एक ने अपनी मोटरसाइकिल भी उनके पास गारंटी के तौर पर रखी थी। चारों मोटरसाइकिल छुड़ाने की बात करने पहुंचे थे। इनमें दो के साथ जीतन सहनी की दो दिन पहले कहासुनी भी हुई थी। दोनों ने उन्हें सबक सिखाने की धमकी दी थी।
एसएसपी ने बताया कि जीतन सहनी के घर के पास लगे सीसीटीवी से मिले फुटेज में देखा गया है कि रात 10.30 से 11 बजे के बीच चार लोग घर के अंदर घुसे। चारों कुछ देर घर के अंदर रहने के बाद बाहर निकल गए। इन्हें हरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन खंगाले जा रहे हैं। मृतक के साथ उनके लेनदेन, देर रात घर जाने का कारण आदि बिंदुओं पर पूछताछ करने के साथ-साथ अन्य लोगों से भी इनके बारे में जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर भी जांच जारी है।
जिस तरह से जीतन सहनी की हत्या की गई, उसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रथम दृष्ट्या पुलिस का कहना था कि चोरी को अंजाम देने घर में घुसे अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया होगा। भले ही घर के पास पड़े बक्से को देख पुलिस ने प्रथम दृष्ट्या उनकी हत्या को चोरों की करतूत मान लिया था, पर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जांच भटकाने के लिए हत्यारों ने बक्से को बाहर फेंक दिया होगा। जीतन सहनी अपने निर्माणाधीन मकान में अकेले रहते थे। कमरे से तीन खाली गिलास मिलने को लेकर यह भी अंदेशा है कि घटना के वक्त उनके घर में कई अन्य लोग भी थे। पोस्टमार्टम व एफएसएल की रिपोर्ट में हत्यारों का खुलासा हो सकता है।